बंगाल में सियासी सरगर्मी: CM ममता ने भाजपा सांसद को सम्मानित किया, CPM नेता ने TMC का दामन थामा; मायने क्या?
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। माकपा के युवा नेता प्रतिकुर रहमान ने जहां टीएमसी का दामन थाम लिया है। वहीं, भाजपा सांसद अनंत महाराज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मंच पर नजर आए हैं। पढ़ें रिपोर्ट-
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मंच साझा किया
उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाषा दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज को बंगविभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद ने मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा किया।
#WATCH | Kolkata: West Bengal CM Mamata Banerjee confers Bangabibhushan award on BJP's Rajya Sabha MP Anant Maharaj. The MP shared the stage with the CM here, on the occasion of Bhasha Diwas.
विज्ञापन विज्ञापन
(Source: Information & Cultural Affairs Department of West Bengal) pic.twitter.com/PUE1eQDAKu — ANI (@ANI) February 21, 2026
रहमान के टीएमसी में शामिल होने पर विशेषज्ञ क्या बोले?
विशेषज्ञों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल ही में बड़ा बदलाव हुआ है। प्रतिकुर रहमान पहले माकपा के युवा नेता थे, वह टीएमसी में शामिल हो गए। यह कदम राज्य चुनावों से पहले आया है। इससे टीएमसी को मुसलमान मतदाताओं के बीच अपनी लोकप्रियता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। लेकिन, विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि रहमान को टीएमसी की कार्यशैली के अनुसार खुद को ढालना होगा, वरना यह बदलाव उनके लिए उतना फायदेमंद नहीं होगा।
आम चुनाव में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मैदान में उतरे थे रहमान
रहमान ने 2024 के आम चुनावों में डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से टीएमसी के अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ा और एक सक्रिय वाम नेता के रूप में तृणमूल के आक्रामक हमलों का सामना किया। प्रतिकुर रहमान दक्षिण 24 परगना के अम्ताला में टीएमसी के दूसरे नंबर के नेता अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हुए। इससे पहले प्रतिकुर ने मीडिया से अपना असंतोष जाहिर करते हुए कि माकपा नेतृत्व में कुछ व्यक्तियों के भाई-भतीजावाद ने उन्हें संगठन में सीमित कर दिया था।
ये भी पढ़ें: गोवा में पुलिस पर विधायक को सरकारी दफ्तर से बाहर निकालने का आरोप; मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को बताया 'ब्लैकमेलर'
इस्तीफा देते हुए रहमान ने क्या कहा था?
प्रतिकुर ने 16 फरवरी को माकपा की राज्य समिति और प्राथमिक सदस्यता से यह कहते हुए इस्तीफा दिया था कि वह हाल के समय में कुछ मुद्दों पर पार्टी के जिला और राज्य नेतृत्व के विचार और रणनीतियों से सहमत नहीं थे। उन्होंने कहा, वे चाहते थे कि मैं सवाल किए बिना वफादार बना रहूं और मुझे किनारे कर दिया गया, क्योंकि मैंने पार्टी की विचारधारा और सिद्धांतों पर सवाल उठाए।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.