Bengal: संदेशखाली जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प, धक्का-मुक्की में घायल हुए सुकांत मजूमदार
सुकांत मजूमदार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें संदेशखाली जाने से रोकने के लिए उनके लॉज की घेराबंदी की थी। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए बुधवार को संदेशखाली जाना था।
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#WATCH | Basirhat, North 24 Parganas | West Bengal BJP president Majumdar injured as Police resorted to lathi charge and a scuffle broke out between Police and party workers. The Police personnel were trying to take Majumdar back to the hotel from where he had left.
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He is being… pic.twitter.com/IsUpbDyayx — ANI (@ANI) February 14, 2024
सुकांत मजूमदार ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि राज्य पुलिस ने उन्हें संदेशखाली जाने से रोकने के लिए उनके लॉज की घेराबंदी की थी। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रदर्शनकारियों से मिलने के लिए बुधवार को संदेशखाली जाना था।
#WATCH | Basirhat, North 24 Parganas | West Bengal BJP president Sukanta Majumdar got injured after falling from the car, a lathi charge by security personnel followed soon after.
— ANI (@ANI) February 14, 2024
He has been taken to Basirhat multi-facility hospital pic.twitter.com/BAJBx0VPDQ
उन्होंने आगे कहा, 'कल के प्रदर्शन के बाद संदेशखाली जल्दी पहुंचने के लिए मैंने टाकि में एक लॉज में रहने का निर्णय लिया। सुबह पुलिस ने मेरे लॉज के प्रवेश द्वार को बाधित कर दिया है और किसी को बाहर जाने नहीं दे रही थी।'
इससे पहले सुकांत मजूमदार ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा था, 'पश्चिम बंगाल के बशीरहाट और अन्य इलाकों में हिंदुओं को गुप्त रूप से प्रार्थना करनी पड़ती है। दुर्गा पूजा के दौरान मूर्ति विसर्जन को ममता बनर्जी पहले ही रोक चुकी हैं और एक बार तारीख भी बदल चुकी हैं। ये है ममता बनर्जी की गंदी राजनीति। वह केवल तुष्टीकरण की राजनीति के बारे में सोचती है, लोगों के विकास के बारे में नहीं। मैं संदेशखाली जाने की कोशिश करूंगा, देखूंगा कि पुलिस मुझे रोकने की कोशिश करती है या नहीं।'
संदेशखाली में स्थानीय महिलाओं का प्रदर्शन
संदेशखाली में स्थानीय महिलाएं लगातार प्रदर्शन कर रहीं है। उन्होंने टीएमसी नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों पर जबरन उनके जमीनों पर कब्जा करने और उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। महिलाओं ने शेख शाहजहां की गिरफ्तारी की भी मांग की है।
बता दें कि पिछले महीने टीएमसी नेता शेख शाहजहां के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान शाहजहां के समर्थकों ने ईडी के अधिकारियों पर हमला कर दिया था, जिसमें तीन अधिकारी घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद से ही शाहजहां फरार है।
हालांकि, महिलाओं द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने को लेकर भाजपा के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के मद्देनजर मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक निषेधाज्ञा लागू की गई है। भाजपा की प्रदेश इकाई ने घोषणा की थी कि उनके नेता उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखालि की स्थिति के विरोध में मंगलवार को एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे।