WBSSC Scam: सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, एसएससी के पूर्व सलाहकार और पूर्व चेयरमैन को गिरफ्तार किया
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा, पश्चिम बंगाल अराजकता की स्थिति में है। सरकार के मंत्री की करीबी सहयोगी के पास से करोड़ों जब्त किए गए हैं।
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पश्चिम बंगाल एसएससी घोटाले में एक और बड़ी गिरफ्तारी हुई है। सीबीआई ने एसएससी के पूर्व सलाहकार शांति प्रसाद सिन्हा को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी अपनी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के साथ पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। अर्पिता के फ्लैट से 50 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हो चुकी है। वहीं, बुधवार को पश्चिम बंगाल पुलिस ने कोलकाता में एसएससी घोटाले को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सदस्यों को हिरासत में लिया।
#WATCH | West Bengal Police detain members of Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP), protesting against the state govt over the SSC scam, in Kolkata pic.twitter.com/HkWnYfYbNy
— ANI (@ANI) August 10, 2022विज्ञापन
सुकांत मजूमदार ने की राष्ट्रपति से मुलाकात
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था से संबंधित एक पत्र भी राष्ट्रपति को सौंपा है। मजूमदार ने कहा, पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। सरकार में रह रहे लोग भष्ट्राचार में लिप्त हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल के लाखों गरीब नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए आपके गतिशील नेतृत्व की आवश्यकता है।
मजूमदार ने कहा, पश्चिम बंगाल अराजकता की स्थित में है। सरकार के मंत्री की करीबी सहयोगी के पास से करोड़ों जब्त किए गए हैं। ऐसे में राज्य में संविधान के अनुरूप कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल का नाम पशु तस्करी मामले में सामने आया है। इसके अलावा टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी, शौकत मोल्ला, परेश अधिकारी सीबीआई और ईडी की जांच के दायरे मे हैं। उन्होंने कहा, ममता बनर्जी सरकार पश्चिम बंगाल में कानून का पालन करवाने में असमर्थ है।
मवेशी तस्करी मामले में टीएमसी विधायक सीबीआई के सामने नहीं हुए पेश
मवेशी तस्करी मामले में तृणमूल कांग्रेस के नेता अनुब्रत मंडल एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो के समक्ष पेश नहीं हुए। बीमारी का कारण बताते हुए उन्होंने अधिकारियों के सामने पेश होने में असमर्थता जता दी। अधिकारियों ने कहा कि टीएमसी बीरभूम जिला अध्यक्ष ने अपने पत्र के साथ दवा के नुस्खे की प्रतियां संलग्न कीं और जांच एजेंसी के अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। उन्होंने कहा कि मंडल के वकील ने बुधवार सुबह शहर में केंद्रीय एजेंसी के कार्यालय में ये पत्र दिया।
अधिकारी ने कहा, हमें अनुब्रत मंडल की तरफ से एक पत्र मिला है जिसमें उन्होंने हमें कार्यालय में पेश होने में असमर्थता के बारे में सूचित किया है। पत्र में मंडल ने लिखा है कि वह डॉक्टर की सलाह के अनुसार बिस्तर पर हैं और अपने आवास से बाहर नहीं जा सकते। उन्होंने डॉक्टरों के नुस्खे की दो प्रतियां संलग्न की हैं और हमसे अनुरोध किया है कि उन्हें हमारे कार्यालय आने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जाए। मंडल द्वारा जमा किए गए नुस्खे शहर के एसएसकेएम अस्पताल और बोलपुर अस्पताल के डॉक्टरों के हैं। सीबीआई ने मंगलवार को मंडल को जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए अपने कार्यालय आने के लिए तलब किया था, लेकिन वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए।