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बीरभूम हिंसा: सीएम ममता और अधीर ने किया घटनास्थल का दौरा, सभी के अपने-अपने दावे, जानें सब कुछ
Thu, 24 Mar 2022 04:58 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 24 Mar 2022 04:58 PM IST
सार
इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीरभूम रामपुरहाट के बगतुई गांव में हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों मिली। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से बड़ी लापरवाही हुई है, टीएमसी नेता की हत्या के बाद पुलिस को अलर्ट होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जो भी इसके पीछे है उन्हें सख्त सजा मिलेगी।
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अमित शाह-ममता बनर्जी-अधीर रंजन चौधरी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में जारी तनातनी के बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बीरभूम के रामपुरहाट पहुंचे। इससे पहले बोगटूई गांव में सुरक्षा बल तैनात किया गया था। इस दौरान चौधरी ने कहा कि यहां के लोग सरकार पर भरोसा नहीं करते हैं, इसलिए हमने आर्टिकल 355 की मांग की है, हम इसके लिए कोर्ट में भी गए। हमारी मांग है कि सीबीआई की जांच हो। बंगाल की मुख्यमंत्री आज यहां पिकनिक करने आईं थीं। हेलिकॉप्टर से आईं यहां खाना खाया और चली गईं।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यहां के लोगों के साथ बैठ कर उनकी बात सुननी चाहिए थी। मुझे भी यहां आने से रोका गया था, मैंने 2 घंटे धरना दिया तब जाकर मुझे यहां आने की इजाजत मिली। ये किसी के बाप का रास्ता है क्या? ममता बनर्जी के पिता जी की संपत्ति है क्या?
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इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीरभूम रामपुरहाट के बगतुई गांव में हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों मिली। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से बड़ी लापरवाही हुई है, टीएमसी नेता की हत्या के बाद पुलिस को अलर्ट होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जो भी इसके पीछे है उन्हें सख्त सजा मिलेगी। मृतक के परिवार को 5 लाख, जिनके घर जले है उन्हें एक लाख रूपए और घर चलाने के लिए 10 लोगों को नौकरी दी जाएगी।
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ममता बनाम धनखड़
उन्होंने कहा कि घटना को देखते हुए हमने गृह मंत्री से राज्यपाल को हटाने के लिए कहा है। हमने जो पत्र मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दिया वही पत्र की कॉपी गृह मंत्री अमित शाह को दिया है। इस पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि यह एक शर्मनाक घटना है और शासन पर एक धब्बा है। लोकतंत्र में लोगों को इस तरह से जिंदा जलाना बहुत दर्दनाक होता है। मैं सरकार से रक्षा की पेशकश करने के बजाय सबक सीखने की अपील करता हूं।
भाजपा ने भी साधा निशाना
वहीं, घटना पर भाजपा के दिलीप घोष ने कहा कि घटना को चार दिन हो गए और सीएम ममता बनर्जी आज घटनास्थल पर पहुंचीं। जब तूफान आता है तो पीएम मोदी दूसरे दिन ही दिल्ली से बंगाल पहुंच जाते हैं और अधिकारियों के साथ बैठक करते हैं और मुख्यमंत्री को घटनास्थल पर जाने में चार दिन लग गए? उन्होंने कहा कि आज वहां पर ममता बनर्जी बोल रहीं कि पुलिस घटनास्थल पर क्यों नहीं पहुंची? मुख्यमंत्री जब नाम बोलेंगी तब पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करेगी क्या? इसके लिए क्या राज्यपाल जिम्मेदार हैं? जब इनके पास कोई मुद्दा नहीं रहता, तब वो राज्यपाल के पीछे पड़ जाते हैं।
शाह से मिले टीएमसी नेता
इस बीच डेरेक ओ ब्रायन और सुदीप बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीएमसी प्रतिनिधिमंडल ने बीरभूम हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा भारत ने हत्याओं का स्वत: संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि वहां एनएचआरसी की टीम जांच करेगी।