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पश्चिम बंगाल: स्पीकर बनर्जी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, मुकुल रॉय मामले में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती

Fri, 08 Oct 2021 05:43 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 08 Oct 2021 05:43 PM IST
सार

भाजपा छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए मुकुल रॉय को लोक लेखा समिति (PAC) के प्रमुख के पद से हटाने का मामला कानूनी दांवपेच में उलझता जा रहा है। अब स्पीकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं।
 

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West Bengal Assembly Speaker Biman Banerjee moves to Supreme Court against Calcutta High Court order on Mukul Roys PAC Chairmanship
पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी - फोटो : एएनआई

विस्तार

पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने मुकुल रॉय मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की शरण ले ली है। हाईकोर्ट ने स्पीकर को आदेश दिया था कि वह रॉय को विधायक पद से अयोग्य घोषित करने और पीएसी के चेयरमैन पद से हटाने के मामले को लेकर दायर अर्जी पर तुरंत फैसला लें।

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हाईकोर्ट ने मामले में सात अक्तूबर तक स्पीकर से इस आदेश पर की गई कार्रवाई से उसे अवगत कराने का आदेश दिया था। गुरुवार को जब मामला हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आया तब स्पीकर की ओर से बंगाल के महाधिवक्ता एसएन मुखर्जी ने कोर्ट को बताया कि मामले में स्पीकर बनर्जी ने अभी कोई फैसला नहीं किया है और इस केस में सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (slp) दायर की गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने केस की अगली सुनवाई 15 नवंबर को तय की।
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मुकुल रॉय ने दो मई को आए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा छोड़ दी थी और पुन: सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया था। पहले वह इसी दल में थे। उनके भाजपा छोड़ने के बाद पार्टी विधायक दल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने स्पीकर से रॉय को दलबदल कानून के तहत विधायक पद से अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए जून में याचिका दायर की थी। जब स्पीकर ने कोई निर्णय नहीं लिया तो इसके बाद अधिकारी ने मामले में हाईकोर्ट की शरण ली।
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हाईकोर्ट ने 28 सितंबर को स्पीकर को फैसला कर सात अक्तूबर तक सूचित करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि स्पीकर ने संविधान व संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पीएसी के प्रमुख का पद विपक्ष के नेता के पास रहता है। स्पीकर के खिलाफ कठोर टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि वह अपनी संवैधानिक ड्यूटी निभाने में विफल रहे हैं। स्पीकर यदि रॉय को विधायक पद से अयोग्य करेंगे तो पीएसी चेयरमैन पद से वह स्वत: अयोग्य हो जाएंगे।

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