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बंगाल: केंद्रीय एजेंसियों की ज्यादतियों के खिलाफ प्रस्ताव पारित, ममता ने पीएम नहीं भाजपा के इन नेताओं को घेरा
Mon, 19 Sep 2022 10:03 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 19 Sep 2022 10:03 PM IST
सार
इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सोमवार को सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों के विधायकों से किसी भी प्रकार के विरोध के लिए विधानसभा में पोस्टर लाने से परहेज करने का आग्रह किया
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केंद्रीय एजेंसियों की ज्यादतियों के खिलाफ प्रस्ताव पारित
- फोटो : ANI
विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा ने राज्य में केंद्रीय एजेंसियों की ज्यादतियों के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव नियम 169 के तहत प्रस्ताव पारित किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि प्रधानमंत्री मोदी सीबीआई, ईडी का दुरुपयोग कर रहे हैं। भाजपा के कुछ नेता ऐसा अपने हितों के लिए कर रहे हैं। केंद्रीय एजेंसियों की 'ज्यादतियों' के खिलाफ पश्चिम बंगाल विधानसभा में प्रस्ताव पर ममता ने कहा कि मैं पीएम मोदी से सरकार और पार्टी के कामकाज को अलग-अलग रखना सुनिश्चित करने का आग्रह करती हूं। यह देश के लिए अच्छा नहीं होगा।
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ममता बनर्जी ने सोमवार को बंगाल विधानसभा में केंद्रीय जांचएसेंसियों की ज्यादतियों के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव पर भाजपा पर जमकर हमला बोला। सोमवार को राज्य के विधानसभा में नाम लिए बिना ही इशारों-इशारों में बता दिया कि उनका निशाना केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राज्य में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी हैं।
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केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी-सीबीआई राज्य में 'अति सक्रियता'दिखा रही है। इसलिए ममता की सरकार सोमवार को विधानसभा में केंद्रीय जांच एजेंसी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेकर आई। सोमवार को दो विधायक निर्मल घोष और तापस रॉय एक साथ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लेकर आए। वह प्रस्ताव भी 189-64 मतों से पारित हुआ।
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बहस के दौरान ममता कहा कि सीबीआई अब प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन नहीं है। अब वह एजेंसी केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन है। यानी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन। दूसरे शब्दों में, केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई शाह के इशारे पर 'अति सक्रियता' दिखा रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें सीबीआई जांच से कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इसकी 'निष्पक्ष जांच' होनी चाहिए।
पश्चिम बंगाल में मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि प्रस्ताव पास होने का कारण है कि केंद्रीय एजेंसी निष्पक्षता से काम करे। बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है जो गलत है, इसके खिलाफ MLA ने आज वोट दिया है। हम जांच के खिलाफ नहीं है लेकिन जांच का निष्पक्ष होना जरूरी है।
इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सोमवार को सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दलों के विधायकों से किसी भी प्रकार के विरोध के लिए विधानसभा में पोस्टर लाने से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कह कि यह सदन के नियमों और विनियमों का उल्लंघन करता है। दरअसल, विधायकों ने पिछले हफ्ते सदन में पोस्टरों के साथ विरोध प्रदर्शन किया था, इसके बाद कार्यवाही ठप हो गई थी। बनर्जी ने प्रदर्शन के तरीके पर आपत्ति जताई थी।
स्पीकर ने पत्रकारों से बात करते हुए मामले पर नाराजगी जताई थी। बनर्जी ने सोमवार को सत्र के दौरान विधायकों के लिए सदन में लागू नियम-कायदों को पढ़ा। उन्होंने कहा कि नारेबाजी, पोस्टर लाने या सदन के अंदर धरना देने की अनुमति नहीं है। मैं सत्ता और विपक्षी बेंच दोनों के विधायकों से सदन में उचित आचरण बनाए रखने का आग्रह करूंगा।
इससे पहले भी विधानसभा में एक से अधिक मौकों पर अफरातफरी मची थी। इस साल मार्च में बजट सत्र के दौरान राजनीतिक दुश्मनी के चौंकाने वाले प्रदर्शन में बीरभूम हत्याओं पर गरमागरम बहस के बाद टीएमसी और भाजपा के विधायक आपस में भिड़ गए।