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सियासत: सोनिया-राहुल और प्रियंका ने बंगाल में क्यों नहीं किया चुनाव प्रचार, क्या है पूरा माजरा?

Fri, 26 Mar 2021 04:40 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Fri, 26 Mar 2021 04:40 PM IST
सार

बंगाल में गुरुवार को चुनाव प्रचार थमने से पहले भाजपा और टीएमसी के कई दिग्गज नेताओं ने ताबड़तोड़ रैलियां कीं। मगर कांग्रेस ने इससे दूरी बनाई। आखिर ऐसा क्यों?

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सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी - फोटो : social media

विस्तार

बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए आठ चरणों में मतदान होना है, जिसकी शुरुआत शनिवार (27 मार्च) से हो जाएगी। पहले चरण में पांच जिलों की 30 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनाव प्रचार थमने से पहले गुरुवार को भाजपा और टीएमसी के कई दिग्गज नेताओं ने ताबड़तोड़ रैलियां कीं। मगर कांग्रेस ने इससे दूरी बनाई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सहित पार्टी के बड़े नेता भी चुनाव प्रचार के लिए मैदान में नहीं उतरे। वहीं, असम में राहुल और प्रियंका ने कई रैलियां कीं। बता दें कि असम भी 27 मार्च को पहले चरण का मतदान होगा। यहां 47 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि बंगाल में आखिर कांग्रेस ने ऐसा क्यों किया?

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बंगाल के पहले चरण में पांच जिलों बांकुड़ा, पुरुलिया, झारग्राम, पश्चिमी और पूर्वी मिदनापुर जिले की 30 सीटों पर मतदान होने वाले हैं। कांग्रेस ने इस बार पहले चरण की छह सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार रखे हैं। कांग्रेस का सबसे ज्यादा फोकस फिलहाल दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हो रहे विधानसभा पर चुनाव पर है। राहुल गांधी लगातार यहां रोड शो और चुनावी रैली कर रहे हैं। राहुल को केरल से काफी उम्मीदें हैं, वह वायनाड से सांसद हैं, इसलिए यहां अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा प्रचार कर रहे हैं।

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बता दें कि केरल में छह अप्रैल को 140 सीटों पर एक साथ वोट डाले जाएंगे। दरअसल, कांग्रेस पश्चिम बंगाल में वाम दलों के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है, जबकि केरल में वह वाममोर्चा के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं। माना जा रहा है कि ऐसे मे पश्चिम बंगाल में वामपंथियों के साथ प्रचार करने से केरल में लड़ाई कमजोर पड़ सकती है। इसलिए कांग्रेस बंगाल में प्रचार से परहेज बरत रही है।

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