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विज्ञापन पर बवाल : योगी के यूपी में कोलकाता के फ्लाईओवर पर टीएमसी और भाजपा के बीच घमासान
Mon, 13 Sep 2021 06:19 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, कोलकाता
एजेंसी, कोलकाता
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 13 Sep 2021 06:19 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बंगाल की राजधानी में विज्ञापन में फ्लाईओवर का इस्तेमाल के बाद उत्तर प्रदेश में हो रहे आर्थिक विकास को दर्शाने के लिए किया गया है। भाजपा ने दावा किया है कि फ्लाईओवर कोलकाता का है इस बात की अभी तक किसी भी तरह से पुष्टि नहीं हुई है।
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योगी आदित्यनाथ विज्ञापन
- फोटो : social media
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विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञापन में कोलकाता के एक फ्लाईओवर का इस्तेमाल किए जाने पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने कड़ी आपत्ति जताई है। विज्ञापन में फ्लाईओवर का इस्तेमाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे आर्थिक विकास को दर्शाने के लिए किया गया है।
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वहीं, भाजपा ने दावा किया है कि फ्लाईओवर कोलकाता का है इस बात की अभी तक किसी भी तरह से पुष्टि नहीं हुई है, साथ ही भाजपा ने कहा कि जहां एक तरफ उत्तर प्रदेश की सरकार एक्सप्रेसवे और फ्लाईओवर बना रही, वहीं ममता बनर्जी की सरकार में बंगाल में फ्लाईओवर ढह रहे हैं।
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विज्ञापन में फ्लाईओवर का इस्तेमाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हो रहे आर्थिक विकास को दर्शाने के लिए किया गया है। भाजपा ने दावा किया है कि फ्लाईओवर कोलकाता का है इस बात की अभी तक किसी भी तरह से पुष्टि नहीं हुई है।
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विज्ञापन प्रसारित करने वाले समाचार पत्र ने मानी गलती, गलत तस्वीर इस्तेमाल करने पर खेद जताया
‘ट्रांसफॉर्मिंग उत्तर प्रदेश अंडर योगी आदित्यनाथ’ शीर्षक से प्रसारित विज्ञापन में नीले और सफेद रंग के फ्लाईओवर को दिखाया गया है, जिसे टीएमसी का पर्याय माना जाता है। इसके अलावा विज्ञापन में योगी आदित्यनाथ के पीछे ऊंची इमारतों को दिखाया गया है।
विज्ञापन में कहा गया है कि 2017 से पहले निवेश के लिहाज से उत्तर प्रदेश को कोई भी गंभीरता से नहीं लेता था, लेकिन योगी आदित्यनाथ के साढ़े चार वर्ष के शासन में उत्तर प्रदेश के प्रति निवेशकों का नजरिया बदल चुका है और उत्तर प्रदेश की नकारात्मक छवि टूट चुकी है। इसी का नतीजा है कि 2020 उत्तर प्रदेश देश अर्थव्यवस्था के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा राज्य रहा।
प्रकाशक ने जताया खेद
वहीं, इस विज्ञापन को प्रकाशित करने वाले समाचार पत्र (इंडियन एक्सप्रेस) ने भूल सुधार जारी करते हुए लिखा है कि उनके मार्केटिंग विभाग की तरफ से बनाए गए उत्तर प्रदेश सरकार के विज्ञापन में गलत तस्वीर का इस्तेमाल हुआ है, इस गलती का उन्हें गहरा खेद है। तस्वीर को सभी डिजिटल संस्करणों में सुधार दिया गया है। हालांकि, टीएमसी ने इस मौके को भुनाते हुए कहा कि भाजपा ने भी मान लिया है कि ममता बनर्जी की सरकार ने विकास किया है और अब खुद इसे अपने लाभ के इस्तेमाल करना चाहती है।
टीएमसी का हमला
ममता बनर्जी के भतीजे व टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट में लिखा- योगी आदित्यनाथ के शासन में ट्रांसफॉर्मिंग यूपी का मतलब होता है बंगाल में ममता बनर्जी के शासन में बने इन्फ्रास्ट्रक्चर की चुराई हुई तस्वीरें। इससे तो यही साबित होता है कि भाजपा के सबसे बड़े राज्य में डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से नाकाम हो चुकी है और इसकी सच्चाई अब सबके सामने आ गई है।
वहीं, भाजपा से वापस टीएमसी में लौटे मुकुल रॉय ने ट्वीट कर लिखा- नरेंद्र मोदी इतने लाचार हैं कि अपनी पार्टी को बचाने के लिए ममता सरकार के विकास की तस्वीरों को अपना बताकर इस्तेमाल करना पड़ रहा है, क्या यही भाजपा शासित राज्यों का मॉडल है? इसके अलावा बंगाल के परिवहन मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि मा फ्लाईओवर की तस्वीर का अपने प्रचार में इस्तेमाल कर भाजपा ने दिखावे की राजनीति को बहुत निचले स्तर पर पहुंचा दिया है।
भाजपा का बचाव
वहीं, बंगाल भाजपा ने यह कहते हुए बचाव किया कि टीएमसी सरकार के पास मा फ्लाईओवर के अलावा दिखाने के लिए कुछ है ही नहीं, जबकि योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में कई एक्सप्रेसवे बने हैं, तमाम फ्लाईओवर बने हैं। बंगाल भाजपा के महासचिव सायंतन बसु ने कहा कि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि विज्ञापन में इस्तेमाल तस्वीर मा फ्लाईओवर की है या नहीं, अगर यह मा फ्लाईओवर की तस्वीर है भी तो यह प्रकाशक की भूल है, जिससे योगी सरकार कार्यकाल में हुए कामकाज को नकारा नहीं जा सकता और न इसका श्रेय योगी आदित्यनाथ से छीना जा सकता।