'लाठी-गोली क्यों चली': बिहार में छात्रों पर कार्रवाई से भड़के राहुल गांधी, भाजपा को क्यों याद दिलाई जवाबदेही?
बिहार में परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार सरकार और भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने पुलिस लाठीचार्ज और गोलीबारी में छात्रों के घायल होने का दावा किया। साथ ही कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली सत्ता को अंततः जनता को जवाब देना पड़ता है।
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सवाल: राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात के बाद क्या कहा?
जवाब: राहुल गांधी ने बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मुलाकात की, जिन्होंने परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी। कांग्रेस सांसद ने इन छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने सिर्फ निष्पक्ष अवसर की मांग की थी। वे पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकारों की बात कर रहे थे। राहुल गांधी ने यह सवाल भी उठाया कि ऐसी मांगों के जवाब में लाठी और गोली चलाने की जरूरत क्यों पड़ी?
सवाल: छात्रों पर पुलिस कार्रवाई में क्या हुआ?
जवाब: राहुल गांधी के मुताबिक, पुलिस की लाठियों के साथ एके-47 और पिस्तौल से चली गोलियों में भी कई छात्र घायल हुए। उन्होंने एक ऐसे युवक का जिक्र किया, जो सेना में सेवा देने की तैयारी कर रहा था। राहुल ने दावा किया कि एके-47 की गोली से उसके पैर को गंभीर नुकसान पहुंचा। इस घटना से उस युवक का सेना में जाने का जीवनभर का सपना भी टूट गया। यह दावा राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में किया है।
बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली।
पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया। सेना में जाकर देश की सेवा करने की ख्वाहिश रखने वाले एक युवा का पैर… pic.twitter.com/GQFKfEO3gz — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 3, 2026
सवाल: छात्रों की मांग क्या थी?
जवाब: राहुल गांधी के मुताबिक, प्रदर्शन कर रहे युवा तीन प्रमुख बातों की मांग कर रहे थे।
- निष्पक्ष अवसर: छात्रों का कहना था कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए निष्पक्ष और उचित अवसर मिलना चाहिए। उनका विरोध परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर था।
- पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था: युवा परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे थे। राहुल ने भी कहा कि वे एक साफ और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था चाहते हैं।
- अपने अधिकार: राहुल के मुताबिक, प्रदर्शनकारी युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे थे। इसी को लेकर उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
सवाल: सरकार की जिम्मेदारी पर राहुल ने क्या कहा?
जवाब: राहुल गांधी ने कहा कि सरकार सिर्फ कुछ निचले स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार बताकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने कहा कि इतनी गंभीर पुलिस कार्रवाई के पीछे दो संभावनाएं हैं। पहली, यह ऊपर से मिले आदेश का नतीजा हो सकती है। दूसरी, यह प्रशासन की पूरी तरह विफलता का संकेत हो सकती है। राहुल ने कहा कि किसी भी स्थिति में सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
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सवाल: बिहार में छात्रों का प्रदर्शन कब शुरू हुआ?
जवाब: बिहार में छात्रों का प्रदर्शन अगस्त के पहले सप्ताह में शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारी एक चरण में शिक्षक भर्ती परीक्षा कराने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। पिछले महीने पटना में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई थी। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों के बीच टकराव हुआ।
सवाल: आंदोलन को किन नेताओं का समर्थन मिला?
जवाब: बिहार में शुरू हुए इस छात्र आंदोलन को विपक्षी नेताओं का भी समर्थन मिला है। अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है। आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव भी इस आंदोलन के समर्थन में सामने आए हैं। इस तरह छात्रों का यह आंदोलन अब बिहार की राजनीति में भी अहम मुद्दा बन गया है।