US पर बरसे खामेनेई के प्रतिनिधि इलाही: कहा- न जंग हो रही, न पूरी शांति; भारत-ईरान की दोस्ती पर भी कही बड़ी बात
ईरान ने मौजूदा स्थिति को 'न युद्ध, न शांति' बताते हुए संघर्ष के लिए अमेरिका-इस्राइल को जिम्मेदार ठहराया है। भारत में तेहरान के प्रतिनिधि अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने दावा किया कि भारी नुकसान के बावजूद ईरान ने झुकने से इनकार कर दिया है, जबकि भारत के साथ अपनी अटूट मित्रता को वैश्विक संकट के बीच भी कायम रखा है। खबर में जानिए इलाही ने और क्या-क्या कहा है...
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विस्तार
इलाही ने कहा, 'ईरान यह युद्ध नहीं चाहता था। ईरान को युद्ध के लिए मजबूर किया गया। कई बार ईरान ने इससे बचने की कोशिश की। मुझे नहीं पता कि अमेरिका और इस्राइल की क्या स्थिति है? वे दूसरे देशों पर अपनी इच्छाएं थोपना चाहते हैं। उन्हें यह अधिकार किसने दिया?' उन्होंने बताया कि ओमान और जिनेवा में बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ रही थी, लेकिन अचानक हुए हमलों ने शांति को अशांति में बदल दिया।
मासूमों की मौत और भारी तबाही का दावा
ईरानी प्रतिनिधि इलाही ने जान-माल के नुकसान को लेकर भी कई दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि हवाई हमलों और मिसाइलों के कारण ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, कई मंत्रियों और कमांडरों की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इलाही ने कहा, 'उन्होंने एक प्राइमरी स्कूल पर हमला किया और 175 मासूम लड़कियों को मार डाला।' इलाही ने दावा किया कि इस जंग में अब तक 4,000 से अधिक लोगों की मौत और 40,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। साथ ही अस्पताल और विश्वविद्यालय को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
VIDEO | Bengaluru: “Iran didn't want this war but was forced into it; they're supposed to continue negotiation but they continued attacking Iran, people are not scared but the problem is ships are not allowed through Iran; He was our father. Our spiritual guide”, says Abdul… pic.twitter.com/MKYrw1yJiN
— Press Trust of India (@PTI_News) May 2, 2026
ईरान का झुकने से साफ इनकार
उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण के दबाव के आगे नहीं झुका। इलाही के शब्दों में, 'वे बिना शर्त आत्मसमर्पण चाहते थे, जिसे कोई भी स्वीकार नहीं कर सकता। ईरान ने कहा कि हम बलिदान देने को तैयार हैं, लेकिन झुकने को तैयार नहीं।' इलाही ने आगे कहा कि अमेरिका और इस्राइल ने युद्ध विराम का प्रस्ताव तभी रखा जब 40 दिनों के संघर्ष के बाद उन्हें समझ आ गया कि वे अपने उद्देश्यों में सफल नहीं हो सकते।
भारत के साथ 5,000 साल पुरानी दोस्ती- इलाही
इसके अलावा होर्मुज को लेकर उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा इसकी सुरक्षा की है। उन्होंने भारत के साथ संबंधों की जमकर तारीफ की। इलाही ने कहा, 'भारत एक महान देश है। हमारे संबंध 5,000 साल पुराने हैं। हम शिक्षा, दर्शन, संस्कृति और अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं।' उन्होंने यह भी बताया कि ईरान ने भारतीय जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति दी है, जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय सहयोग को बताता है।
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