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Weather Update: उत्तर से पूर्वोत्तर भारत तक तेजी से बदलेगा मौसम, कहीं बारिश-आंधी तो कहीं गर्मी बढ़ने के आसार
Wed, 25 Mar 2026 04:34 AM IST
Devesh Tripathi
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
Published by: Devesh Tripathi
Updated Wed, 25 Mar 2026 04:34 AM IST
सार
26 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ आंधी चलने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली में धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 मार्च को राजस्थान में भी इसी तरह का मौसम बन सकता है, जिससे दिनचर्या और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। पूर्वोत्तर भारत में चक्रवात की वजह से मौसम ज्यादा सक्रिय है।
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मार्च के आखिरी हफ्ते में तेजी से बदलेगा मौसम
- फोटो : ANI
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विस्तार
मार्च के अंतिम सप्ताह में देशभर का मौसम तेजी से करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 26 और 28 मार्च को सक्रिय होने वाले दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक व्यापक असर डालेंगे। कहीं भारी बारिश और बर्फबारी होगी, तो कहीं आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का खतरा रहेगा, जबकि कई राज्यों में तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से गर्मी भी बढ़ेगी।
मौसम विभाग के मुताबिक पहला पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च से सक्रिय होगा और दूसरा 28 मार्च की रात से असर दिखाएगा। इन दोनों प्रणालियों के कारण उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 26 मार्च को हल्की बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि 27 मार्च को इसका असर उत्तराखंड तक पहुंचेगा। 28 मार्च को एक बार फिर जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम खराब हो सकता है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मैदानी राज्यों में भी इन पश्चिमी विक्षोभों का असर स्पष्ट दिखाई देगा।
किन राज्यों में बदलेगा मौसम?
26 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ आंधी चलने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली में धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 मार्च को राजस्थान में भी इसी तरह का मौसम बन सकता है, जिससे दिनचर्या और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। पूर्वोत्तर भारत में चक्रवात की वजह से मौसम ज्यादा सक्रिय है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक वर्षा हो सकती है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
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दक्षिण और पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम
पश्चिमी भारत के ऊपर सक्रिय उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम के प्रभाव से 25 और 26 मार्च के दौरान मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाएं, बिजली और बारिश देखने को मिल सकती है।
फसल-बुनियादी ढांचे को नुकसान का खतरा
इस बदलते मौसम के साथ नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं या पेड़ गिर सकते हैं, जिससे बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो सकती हैं। खेतों में खड़ी फसलों, विशेषकर केले और पपीते जैसी संवेदनशील फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है। कच्चे मकानों को भी आंशिक क्षति पहुंचने का खतरा है। ओलावृष्टि के दौरान खुले में मौजूद लोगों और पशुओं के लिए भी जोखिम बना रहेगा।
कई राज्यों में 40 डिग्री के करीब पहुंचा पारा
मौसम के इस बदलाव के साथ तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। उत्तर भारत में अगले चार दिनों के दौरान तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, जबकि मध्य भारत में 2 से 4 डिग्री और पूर्वी भारत में 4 से 6 डिग्री तक तापमान बढ़ने के आसार हैं। दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान पहले ही 36 से 40 डिग्री के बीच पहुंच चुका है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा के कई क्षेत्रों में गर्मी का असर बढ़ गया है, जबकि केरल और गोवा में उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आंधी व ओलावृष्टि का खतरा
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है। यहां हवाओं की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओलावृष्टि से फसलों और पेड़ों को नुकसान होने की आशंका है, जिसके मद्देनजर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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मौसम विभाग के मुताबिक पहला पश्चिमी विक्षोभ 26 मार्च से सक्रिय होगा और दूसरा 28 मार्च की रात से असर दिखाएगा। इन दोनों प्रणालियों के कारण उत्तर भारत में मौसम तेजी से बदलेगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 26 मार्च को हल्की बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि 27 मार्च को इसका असर उत्तराखंड तक पहुंचेगा। 28 मार्च को एक बार फिर जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में मौसम खराब हो सकता है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मैदानी राज्यों में भी इन पश्चिमी विक्षोभों का असर स्पष्ट दिखाई देगा।
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किन राज्यों में बदलेगा मौसम?
26 मार्च को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गरज-चमक के साथ आंधी चलने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। दिल्ली में धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 मार्च को राजस्थान में भी इसी तरह का मौसम बन सकता है, जिससे दिनचर्या और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। पूर्वोत्तर भारत में चक्रवात की वजह से मौसम ज्यादा सक्रिय है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश का अनुमान है, जिसके चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक वर्षा हो सकती है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी गरज-चमक, बिजली और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
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दक्षिण और पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम
पश्चिमी भारत के ऊपर सक्रिय उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम के प्रभाव से 25 और 26 मार्च के दौरान मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में तेज हवाओं और बिजली गिरने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाएं, बिजली और बारिश देखने को मिल सकती है।
फसल-बुनियादी ढांचे को नुकसान का खतरा
इस बदलते मौसम के साथ नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की टहनियां टूट सकती हैं या पेड़ गिर सकते हैं, जिससे बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो सकती हैं। खेतों में खड़ी फसलों, विशेषकर केले और पपीते जैसी संवेदनशील फसलों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है। कच्चे मकानों को भी आंशिक क्षति पहुंचने का खतरा है। ओलावृष्टि के दौरान खुले में मौजूद लोगों और पशुओं के लिए भी जोखिम बना रहेगा।
कई राज्यों में 40 डिग्री के करीब पहुंचा पारा
मौसम के इस बदलाव के साथ तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। उत्तर भारत में अगले चार दिनों के दौरान तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, जबकि मध्य भारत में 2 से 4 डिग्री और पूर्वी भारत में 4 से 6 डिग्री तक तापमान बढ़ने के आसार हैं। दक्षिण और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान पहले ही 36 से 40 डिग्री के बीच पहुंच चुका है। महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, गुजरात, केरल, तमिलनाडु और ओडिशा के कई क्षेत्रों में गर्मी का असर बढ़ गया है, जबकि केरल और गोवा में उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आंधी व ओलावृष्टि का खतरा
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज आंधी, बिजली और ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है। यहां हवाओं की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ओलावृष्टि से फसलों और पेड़ों को नुकसान होने की आशंका है, जिसके मद्देनजर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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