मौसम: मुंबई में निसर्ग तूफान तो दिल्ली में तपिश से राहत, क्या बारिश डालेगी कोरोना पर कोई असर?

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 03 Jun 2020 07:39 PM IST

सार

  • इस पूरे हफ्ते दिल्ली में तापमान में राहत की संभावना  
  • वैज्ञानिकों की राय, वर्षा और कोरोना का संबंध प्रमाणित नहीं,
  • गर्मी कम होने से भी अपनी रफ्तार से आगे बढ़ सकता है कोरोना 
Nisarga Cyclone
Nisarga Cyclone - फोटो : PTI
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विस्तार

मुंबई में जहां तेज तूफ़ान ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं दिल्ली वालों को इस दौरान कड़ी गर्मी से राहत मिलती रहेगी। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस पूरे हफ्ते अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
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बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री तक रह सकता है, जबकि गुरुवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज की जा सकती है।

यह 34 डिग्री और 24 डिग्री बना रह सकता है। शुक्रवार, शनिवार और रविवार तक तापमान इसी के आसपास बना रहेगा और लोगों को कड़ी गर्मी से राहत मिली रहेगी। गुरुवार और शुक्रवार को आसमान में बादल छाये रहेंगे। इससे भी तापमान में कमी रहने में मदद मिलेगी। 

 
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान हवा का बहाव सामान्य बना रहेगा। गुरुवार को उत्तरी-पश्चिमी हवाएं अधिकतम 11.1 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह सकती हैं, तो शुक्रवार और शनिवार को हवाओं की रफ्तार 9.3 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है।

गुरुवार और शुक्रवार को हवाओं का बहाव उत्तरी-पश्चिमी से दक्षिणी-पश्चिमी की तरफ जा सकता है। इस दौरान अधिकतम आर्द्रता शुक्रवार को नौ फीसदी तो न्यूनतम पांच फीसदी तक बनी रह सकता है।

क्या वर्षा और कम गर्मी से कोरोना पर होगा कोई असर

कुछ वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि गर्मी में तापमान बढ़ने के साथ-साथ कोरोना वायरस सुस्त पड़ सकता है और इसके कारण कोरोना के संक्रमण दर में गिरावट आ सकती है।

लेकिन अब तक का अनुभव बताता है कि कोरोना वायरस पर गर्मी का कोई असर नहीं पड़ा है। भारत सहित सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ब्राज़ील और अन्य देशों में गर्मी में उच्च तापमान के बाद भी कोरोना की रफ्तार में कोई कमी नहीं आई।

इन क्षेत्रों में इस दौरान कोरोना के मामले लगातार बढ़ते रहे हैं।
 
अब कुछ लोगों का अनुमान है कि भारत जैसे देश में मानसून के आने के साथ ही संक्रमण बढ़ने की संभावना बन सकती है। लेकिन निम्स के शीर्ष वैज्ञानिक जी देवपुरा का कहना है कि इस बात के कोई प्रमाण नहीं हैं कि वर्षा ऋतु शुरू होने और तापमान में गिरावट आने के कारण कोरोना के संक्रमण में किसी तरह की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

अभी तक का अनुभाव यही है कि कम तापमान में कोरोना वायरस तेजी के साथ फैलता रहा है। लेकिन बारिश से इसका कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

इसलिए इस समय वर्षा ऋतु और कोरोना के संबंध में कोई बात तथ्यात्मक तौर पर नहीं कही जा सकती।

इस कारण घट सकता है संक्रमण

वहीं, पुणे महाराष्ट्र में सामुदायिक स्वास्थ्य से जुड़े डॉक्टर अभय शुक्ला का मानना है कि वर्षा ऋतु में कोरोना वायरस के संक्रमण की दर में कमी हो सकती है, लेकिन ऐसा वर्षा का कोरोना पर सीधा असर होने के कारण नहीं, बल्कि इस दौरान लोगों की आवाजाही सीमित होने के कारण हो सकता है।

इस दौरान बाहर कम निकलते हैं, इस वजह से आउट डोर ट्रांसमिशन कम हो सकता है, लेकिन इस दौरान लोग अपने सीमित माहौल में ही बने रहते हैं, इस कारण इन डोर ट्रांसमिशन में बढ़ोतरी हो सकती है।

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