फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rahul Gandhi Responds to Nirmala Sitharaman in Four Points Over Tata Row says Businesses man Already Upset

'अमित शाह के घर पर टाटा की बैठक क्यों?': सीतारमण से राहुल गांधी के तीखे सवाल, कहा- कारोबारी आपसे पहले ही नाराज

Wed, 28 Oct 2026 07:56 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Wed, 28 Oct 2026 07:56 PM IST
सार

टाटा समूह में एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर विवाद के बीच राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दो बिंदुओं में जवाब दिया। उन्होंने अमित शाह के आवास पर टाटा समूह के प्रतिनिधियों की बैठक पर सवाल उठाए। सीतारमण ने राहुल पर विवाद का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। आखिर नियुक्ति पर नोएल टाटा ने क्या आपत्तियां जताईं और इस विवाद में सरकार की भूमिका को लेकर राहुल ने क्या सवाल उठाए? आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं...

विज्ञापन
Rahul Gandhi Responds to Nirmala Sitharaman in Four Points Over Tata Row says Businesses man Already Upset
राहुल का निर्मला सीतारमण को जवाब - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

टाटा समूह से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। राहुल गांधी ने बुधवार को सीतारमण के आरोपों का जवाब देते हुए सवाल उठाया कि टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के प्रतिनिधियों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर किस ‘कानूनी और व्यावसायिक मामले’ के सिलसिले में बुलाया गया था।
विज्ञापन


राहुल ने यह भी पूछा कि सरकार के करीबी कारोबारी के रूप में उन्होंने जिस व्यक्ति की ओर इशारा किया, वह इस विवाद में कब सामने आएगा और टाटा समूह के किन हिस्सों पर उसका नियंत्रण होगा। राहुल ने कहा कि देश के तीन-चार करीबी कारोबारी सहयोगियों को छोड़कर बाकी कारोबारी पहले ही सरकार से नाराज हैं और उन्हें भड़काने की जरूरत नहीं है। यह बयान टाटा समूह के भीतर एन. चंद्रशेखरन को दोबारा कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त करने के फैसले पर उठे विवाद के बीच आया है।
विज्ञापन


राहुल गांधी ने निर्मला सीतारमण को क्या जवाब दिया?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दो बिंदुओं में अपनी बात रखी। उन्होंने वित्त मंत्री से पूछा कि टाटा ट्रस्ट्स और टाटा संस के प्रतिनिधियों को अमित शाह के आवास पर बुलाने के पीछे ऐसा कौन-सा कानूनी और व्यावसायिक मामला था, जिसके लिए इस बैठक की जरूरत पड़ी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार के करीबी कारोबारी को लेकर जिस आशंका का उन्होंने जिक्र किया, वह कब सामने आएगा और टाटा समूह के किन हिस्सों पर उसका प्रभाव होगा। राहुल ने कहा कि भारत के कारोबारी पहले से ही सरकार से नाराज हैं और उन्हें किसी तरह उकसाने की जरूरत नहीं है। इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि टाटा समूह को नुकसान पहुंचाया जा रहा है और कारोबारी नेता इस मुद्दे पर बोलने से डर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी पर टाटा समूह के विवाद का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि राहुल को हर मुद्दे में राजनीति नहीं देखनी चाहिए और कानूनी या व्यावसायिक मामलों को बिना आधार आपराधिक बताने से बचना चाहिए। सीतारमण ने आरोप लगाया कि राहुल भारतीय उद्योग और उद्यमियों की उपलब्धियों पर बार-बार सवाल उठाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल कारोबारी नेताओं को सरकार के खिलाफ अविश्वास फैलाने के लिए उकसाने की कोशिश कर रहे हैं। वित्त मंत्री ने राहुल को सलाह दी कि वे संकीर्ण राजनीतिक हितों के बजाय रचनात्मक तरीके से सरकार के साथ संवाद करें। उन्होंने अपने बयान में न्यायपालिका का भी जिक्र किया और कहा कि संविधान सभी नागरिकों को न्याय की गारंटी देता है तथा अदालतों की जिम्मेदारी इसे सुनिश्चित करना है।

कांग्रेस और भाजपा की आर्थिक नीतियों को लेकर क्या कहा गया?
सीतारमण ने कांग्रेस के शासनकाल की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधते हुए ‘लाइसेंस-कोटा राज’ का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियों ने दशकों तक भारतीय उद्यमियों की क्षमता को दबाए रखा और देश में गरीबी बढ़ाई। इसके विपरीत, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की नीतियों का बचाव करते हुए कहा कि उद्योग रोजगार पैदा करने और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है। उनके मुताबिक, सरकार की नीतियां कारोबार को बढ़ावा देने, उद्योगों को समर्थन देने और निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा था कि भारतीय कारोबार को राजनीतिक नेताओं की निजी संपत्ति की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कारोबारी जगत की चुप्पी पर भी सवाल उठाए थे।


टाटा समूह में किस फैसले को लेकर विवाद है?
यह विवाद टाटा संस के कार्यकारी चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को दोबारा नियुक्त करने के फैसले से जुड़ा है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस नियुक्ति पर आपत्ति जताई है। 26 अक्तूबर को टाटा संस के कंपनी सचिव को लिखे पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि नियुक्ति की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया। नोएल टाटा के मुताबिक, नियुक्ति के लिए चयन समिति की सिफारिश जरूरी थी, जो कथित तौर पर नहीं ली गई। उन्होंने कंपनी के नियमों के तहत प्रस्ताव की वैधता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने बोर्ड बैठक की रिकॉर्डिंग, बैठक के मिनट्स और मतदान से जुड़ी जानकारी मांगी। साथ ही, उन्होंने कंपनी से नियामक संस्थाओं को यह बताने के लिए कहा कि नियुक्ति के प्रस्ताव की वैधता विवादित है। इस तरह टाटा समूह के भीतर नियुक्ति को लेकर उठे सवाल अब राहुल गांधी और निर्मला सीतारमण के बीच राजनीतिक बहस का विषय बन गए हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed