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हम भारत से स्थायी रिश्ते चाहते हैं: नादिर पटेल
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 09 May 2016 11:19 PM IST
सार
- भारत में कनाडा के उच्चायुक्त नादिर पटेल ने व्यापार, निवेश समेत तमाम क्षेत्रों को लेकर कनाडा की योजनाओं के बारे में अमर उजाला संवाद में खुलकर की बातचीत
- उच्चायुक्त ने कहा, कनाडा और भारत में नई सरकार आने के बाद पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 32 फीसदी बढ़कर 8.25 अरब डॉलर पहुंचा
- भारतीय छात्रों और पेशेवरों को कहा, कनाडा किफायती शिक्षा और काम के लिए सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्घ
- कनाडा की सरकार में भारतीयों के दबदबे को भी किया स्वीकार
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भारत में कनाडा के उच्चायुक्त नादिर पटेल
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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विस्तार
कनाडा भारत के साथ स्थायी रिश्ते चाहता है। दोनों देश मिलकर बहुत कुछ पा सकते है। इसके लिए दोनों देशों को लंबे समय तक व्यापार और निवेश के साथ साथ सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाना होगा। भारत में कनाडा के उच्चायुक्त नादिर पटेल ने सोमवार को अमर उजाला संवाद में कनाडा की प्राथमिकताओं के बारे में खुलकर बातचीत की। पटेल का मानना है कि भारत में मोदी सरकार और कनाडा में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते और बेहतर हुए है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है कि पिछले एक साल में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 32 फीसदी बढ़कर 8.25 अरब डॉलर पहुंच गया है। साथ ही उच्चायुक्त ने भारतीय छात्रों और पेशेवरों को संदेश दिया कि कनाडा किफायती शिक्षा और काम के लिए सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्घ है। उन्होंने कनाडा में ही नहीं बल्कि सरकार में भी भारतीयों के दबदबे को स्वीकार किया।
नोएडा स्थित मुख्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कनाडा में भारतीय छात्रों के लिए खास रियायतें और कनाडा में सिख लोगों के दबदबे जैसे तमाम सवाल नादिर पटेल से किए गए। पटेल ने कहा कि किसी दूसरे देश के मुकाबले कनाडा भारतीय छात्रों को कम ट्यूशन फीस और ज्यादा सुरक्षित माहौल में शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्घहै। भारतीय छात्रों को कनाडा में पढ़ने की इजाजत देने की प्रक्रिया को आसान किया गया है। वहीं दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के लिए शिक्षा के अलावा फिल्म, कला, नागरिक विमानन, विज्ञान, तकनीक और कौशल के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया गया है। मसलन, दिल्ली और टोरंटों के बीच नॉन स्टाप उड़ानें शुरू की गई हैं। और नॉन स्टाप उड़ान भी जल्द शुरू होने जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले साल नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा 1973 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदीऊ भी भारत को अपना सबसे अच्छा मित्र देश मानते हैं। इस यात्रा के बाद परमाणु समझौते के अलावा सालों से लंबित पड़े निवेश और व्यापार सुरक्षा समझौते यानी एफआईपीबी और बीआईपीबी के सुलझने के आसार बने हैं। रक्षा क्षेत्र में उपकरणों और शोध विकास में दोनों देश नया कर सकते है। कनाडा में 700 कनाडा कंपनियां कारोबार कर रही हैं। भारत में धीरे ही सही मगर विदेश निवेश के लिए माहौल बेहतर हो रहा है। सरल और जवाबदेह टैक्स प्रणाली की वजह से स्वस्थ व्यापार का माहौल बनेगा। कनाडा की जमीन पर खालिस्तान आतंकवाद के सवाल पर पटेल ने कहा कि इसे लेकर भारत की चिंता कनाडा की चिंता है। हम इस मुद्दे से निपटने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि कनाडा में सिख समुदाय शांति प्रिय लोग हैं। बेहद कम लोग ही है जिनका आतंकी गतिविधियों में संबंध है।
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अमरिंदर का स्वागत पर कनाडा में रैली की इजाजत किसी को नहीं
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह को कनाडा आने से रोकने के सवाल पर पटेल ने कहा कि उन्हें रोका नहीं गया है। उनकी यात्रा स्थगित हुई है, रद्द नहीं हुई। उन्होंने खुद कैप्टन को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है, जिसके मुताबिक दूसरे देश के राजनेता को कनाडा में अपने लिए धन और समर्थन जुटाने की इजाजत नहीं है। कैप्टन अमरिंदर का कनाडा दौरा आगे संभव है।
मोदी से करता हूं गुजराती में बात
पटेल ने कहा कि पिछली बार जब वह प्रधानमंत्री से मिले थे तो उन्होंने उनसे गुुजराती में बात की थी। उन्होंने बताया कि उनके माता पिता गुजरात के हैं। 60 के दशक की शुरूआत में माता पिता ब्रिटेन चले गए थे। वहां उनका जन्म हुआ था। वे भारत में पैदा नहीं हुए। कई अखबारों ने उनका जन्म स्थल भारत बताया था। पटेल ने बताया कि उनके माता पिता हर साल जब कनाडा में दिसंबर जनवरी में बहुत ठंड पड़ती है तो गुजरात आते थे। वे भी पिछले 20 साल में 15 से 20 साल भारत आ चुके हैं। उन्होंने ज्यादातर गुजरात और मुंबई की यात्रा की है।
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नोएडा स्थित मुख्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कनाडा में भारतीय छात्रों के लिए खास रियायतें और कनाडा में सिख लोगों के दबदबे जैसे तमाम सवाल नादिर पटेल से किए गए। पटेल ने कहा कि किसी दूसरे देश के मुकाबले कनाडा भारतीय छात्रों को कम ट्यूशन फीस और ज्यादा सुरक्षित माहौल में शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्घहै। भारतीय छात्रों को कनाडा में पढ़ने की इजाजत देने की प्रक्रिया को आसान किया गया है। वहीं दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के लिए शिक्षा के अलावा फिल्म, कला, नागरिक विमानन, विज्ञान, तकनीक और कौशल के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया गया है। मसलन, दिल्ली और टोरंटों के बीच नॉन स्टाप उड़ानें शुरू की गई हैं। और नॉन स्टाप उड़ान भी जल्द शुरू होने जा रही हैं।
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उन्होंने बताया कि पिछले साल नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा 1973 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदीऊ भी भारत को अपना सबसे अच्छा मित्र देश मानते हैं। इस यात्रा के बाद परमाणु समझौते के अलावा सालों से लंबित पड़े निवेश और व्यापार सुरक्षा समझौते यानी एफआईपीबी और बीआईपीबी के सुलझने के आसार बने हैं। रक्षा क्षेत्र में उपकरणों और शोध विकास में दोनों देश नया कर सकते है। कनाडा में 700 कनाडा कंपनियां कारोबार कर रही हैं। भारत में धीरे ही सही मगर विदेश निवेश के लिए माहौल बेहतर हो रहा है। सरल और जवाबदेह टैक्स प्रणाली की वजह से स्वस्थ व्यापार का माहौल बनेगा। कनाडा की जमीन पर खालिस्तान आतंकवाद के सवाल पर पटेल ने कहा कि इसे लेकर भारत की चिंता कनाडा की चिंता है। हम इस मुद्दे से निपटने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि कनाडा में सिख समुदाय शांति प्रिय लोग हैं। बेहद कम लोग ही है जिनका आतंकी गतिविधियों में संबंध है।
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अमरिंदर का स्वागत पर कनाडा में रैली की इजाजत किसी को नहीं
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह को कनाडा आने से रोकने के सवाल पर पटेल ने कहा कि उन्हें रोका नहीं गया है। उनकी यात्रा स्थगित हुई है, रद्द नहीं हुई। उन्होंने खुद कैप्टन को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की है, जिसके मुताबिक दूसरे देश के राजनेता को कनाडा में अपने लिए धन और समर्थन जुटाने की इजाजत नहीं है। कैप्टन अमरिंदर का कनाडा दौरा आगे संभव है।
मोदी से करता हूं गुजराती में बात
पटेल ने कहा कि पिछली बार जब वह प्रधानमंत्री से मिले थे तो उन्होंने उनसे गुुजराती में बात की थी। उन्होंने बताया कि उनके माता पिता गुजरात के हैं। 60 के दशक की शुरूआत में माता पिता ब्रिटेन चले गए थे। वहां उनका जन्म हुआ था। वे भारत में पैदा नहीं हुए। कई अखबारों ने उनका जन्म स्थल भारत बताया था। पटेल ने बताया कि उनके माता पिता हर साल जब कनाडा में दिसंबर जनवरी में बहुत ठंड पड़ती है तो गुजरात आते थे। वे भी पिछले 20 साल में 15 से 20 साल भारत आ चुके हैं। उन्होंने ज्यादातर गुजरात और मुंबई की यात्रा की है।