{"_id":"69bafe8d21cf17124a0ced7d","slug":"we-have-order-for-supplying-34-dhruv-180-tejas-mk1a-156-prachand-hal-to-par-panel-on-defence-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Par Panel On Defence: 180 तेजस, 156 प्रचंड और 34 ध्रुव हेलीकॉप्टर से मजबूत होगी वायुसेना, HAL ने बताया अपडेट","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Par Panel On Defence: 180 तेजस, 156 प्रचंड और 34 ध्रुव हेलीकॉप्टर से मजबूत होगी वायुसेना, HAL ने बताया अपडेट
Thu, 19 Mar 2026 01:05 AM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:05 AM IST
सार
HAL ने संसद की रक्षा समिति को बताया कि उसके पास 34 ध्रुव हेलीकॉप्टर, 180 तेजस Mk-1A और 156 प्रचंड हेलीकॉप्टर सप्लाई के बड़े ऑर्डर हैं। तेजस के पांच विमान तैयार हैं और मिसाइल व रडार से जुड़े टेस्ट सफल रहे हैं। नासिक में उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है। वहीं समिति ने रक्षा कंपनियों को विदेशी बाजारों में विस्तार, एआई के उपयोग, रिसर्च और आधुनिकीकरण पर ज्यादा ध्यान देने की सलाह दी है।
विज्ञापन
तेजस Mk1A और एचएएल
- फोटो : ANI
विस्तार
रक्षा से जुड़ी संसदीय समिति के सामने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने अपनी मौजूदा ऑर्डर स्थिति और प्रोडक्शन की जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक, अभी उसके पास भारतीय सेना और वायुसेना के लिए बड़े स्तर पर विमान और हेलीकॉप्टर सप्लाई के ऑर्डर हैं। एचएएल ने बताया कि उसे 34 ध्रुव हेलीकॉप्टर, 180 तेजस एमके-1ए फाइटर जेट और 156 प्रचंड अटैक हेलीकॉप्टर देने का ऑर्डर मिला हुआ है। इसके अलावा कंपनी ने 12 Su-30एमकेआई लड़ाकू विमान बनाने का काम भी फिर से शुरू किया है, जिसकी प्रोडक्शन लाइन 2019 में बंद हो गई थी।
यह भी पढ़ें - Assembly Elections 2026: भाजपा चुनाव समिति की बैठक, असम-पुदुचेरी के प्रत्याशियों पर मंथन; जल्द जारी होगी सूची
पांच तेजस एमके-1ए विमान हैं तैयार- एचएएल
तेजस एमके-1ए को लेकर एचएएल ने कमेटी को बताया कि उसके पांच विमान तैयार हैं। कंपनी ने इसमें कई अहम तकनीकी टेस्ट पूरे कर लिए हैं, जैसे रडार सिस्टम, एएसआरएएएम मिसाइल (करीब दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल) और एएसटीआरए मिसाइल (लंबी दूरी की मिसाइल)। इन सभी टेस्ट को सफल बताया गया है। साथ ही, नासिक में तेजस की तीसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू कर दी गई है, जिससे सालाना उत्पादन क्षमता बढ़कर 24 विमान हो जाएगी।
विज्ञापन
2034 तक ₹2.22 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स डिलीवर करेगा HAL
एचएएल ने यह भी बताया कि उसके पास कुल मिलाकर करीब 2.22 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी डिलीवरी 2034 तक पूरी करनी है। इसमें तेजस, एचटीटी-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और डॉर्नियर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी पहले ही 72 ध्रुव हेलीकॉप्टर डिलीवर कर चुकी है और प्रचंड हेलीकॉप्टर के 15 यूनिट पहले ही सेना को दिए जा चुके हैं। हालांकि, तेजस विमान की डिलीवरी में देरी भी सामने आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस द्वारा इंजन सप्लाई में देरी बताई गई है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों के ऑर्डर बुक में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर एचएएल का ऑर्डर सबसे ज्यादा है, जबकि अन्य कंपनियों के ऑर्डर अपेक्षाकृत कम हैं। समिति का मानना है कि यह अंतर अलग-अलग उत्पादों और प्रतिस्पर्धा की वजह से है।
यह भी पढ़ें - केरल हाईकोर्ट का बड़ा कदम: कोर्ट परिसर में यौन उत्पीड़न रोकने के लिए नए नियम लागू, सख्त निगरानी का प्रावधान
संसदीय समिति ने क्या-क्या दिए सुझाव?
समिति ने सुझाव दिया कि ये कंपनियां भविष्य में विदेशी बाजारों में भी अपने उत्पाद बेचने पर ध्यान दें, ताकि उनका कारोबार और मजबूत हो सके। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल को बढ़ाने, रिसर्च और नई तकनीक पर ज्यादा निवेश करने और लगातार आधुनिकीकरण पर जोर देने की भी सिफारिश की गई है। समिति का मानना है कि आधुनिक तकनीक और नवाचार से ही भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और देश की सुरक्षा और भी बेहतर बनेगी।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Assembly Elections 2026: भाजपा चुनाव समिति की बैठक, असम-पुदुचेरी के प्रत्याशियों पर मंथन; जल्द जारी होगी सूची
विज्ञापन
पांच तेजस एमके-1ए विमान हैं तैयार- एचएएल
तेजस एमके-1ए को लेकर एचएएल ने कमेटी को बताया कि उसके पांच विमान तैयार हैं। कंपनी ने इसमें कई अहम तकनीकी टेस्ट पूरे कर लिए हैं, जैसे रडार सिस्टम, एएसआरएएएम मिसाइल (करीब दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल) और एएसटीआरए मिसाइल (लंबी दूरी की मिसाइल)। इन सभी टेस्ट को सफल बताया गया है। साथ ही, नासिक में तेजस की तीसरी प्रोडक्शन लाइन शुरू कर दी गई है, जिससे सालाना उत्पादन क्षमता बढ़कर 24 विमान हो जाएगी।
विज्ञापन
2034 तक ₹2.22 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स डिलीवर करेगा HAL
एचएएल ने यह भी बताया कि उसके पास कुल मिलाकर करीब 2.22 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स हैं, जिनकी डिलीवरी 2034 तक पूरी करनी है। इसमें तेजस, एचटीटी-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट और डॉर्नियर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। कंपनी पहले ही 72 ध्रुव हेलीकॉप्टर डिलीवर कर चुकी है और प्रचंड हेलीकॉप्टर के 15 यूनिट पहले ही सेना को दिए जा चुके हैं। हालांकि, तेजस विमान की डिलीवरी में देरी भी सामने आई है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस द्वारा इंजन सप्लाई में देरी बताई गई है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों के ऑर्डर बुक में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। उदाहरण के तौर पर एचएएल का ऑर्डर सबसे ज्यादा है, जबकि अन्य कंपनियों के ऑर्डर अपेक्षाकृत कम हैं। समिति का मानना है कि यह अंतर अलग-अलग उत्पादों और प्रतिस्पर्धा की वजह से है।
यह भी पढ़ें - केरल हाईकोर्ट का बड़ा कदम: कोर्ट परिसर में यौन उत्पीड़न रोकने के लिए नए नियम लागू, सख्त निगरानी का प्रावधान
संसदीय समिति ने क्या-क्या दिए सुझाव?
समिति ने सुझाव दिया कि ये कंपनियां भविष्य में विदेशी बाजारों में भी अपने उत्पाद बेचने पर ध्यान दें, ताकि उनका कारोबार और मजबूत हो सके। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल को बढ़ाने, रिसर्च और नई तकनीक पर ज्यादा निवेश करने और लगातार आधुनिकीकरण पर जोर देने की भी सिफारिश की गई है। समिति का मानना है कि आधुनिक तकनीक और नवाचार से ही भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और देश की सुरक्षा और भी बेहतर बनेगी।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन