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MEA: 'हम अपने लोगों के संपर्क में है', पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच विदेश मंत्रालय का बयान
Sat, 02 Nov 2024 11:55 PM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 02 Nov 2024 11:55 PM IST
सार
MEA: पश्चिम देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। जिसमें प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सलाह जारी की है। हम लगातार अपने नागरिकों के संपर्क में है।
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रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्रालय
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि इस्राइल में भारतीय दूतावास भारतीय नागरिकों के साथ लगातार संपर्क में है। बीते दिनों इस्राइल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी युद्ध में इस्राइली हवाई हमले ने दक्षिण लेबनान के खियाम गांव को लक्ष्य बनाया, जिसके बाद तनाव और तेज हो गया है।
बता दें कि बीते 26 अक्टूबर को इस्राइल रक्षा बलों (IDF) ने घोषणा की थी कि उनके सैन्य ने ईरानी सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमले किए हैं। यह उस समय किया गया जब तेहरान ने हाल ही में इस्राइल की ओर मिसाइलों की बौछार की थी।
रणधीर जायसवाल ने दी जानकारी
पश्चिम देशों में बढ़ते तनाव में भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस्राइल में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक यात्रा सलाह जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इस्राइल में लगभग 20,000-30,000 भारतीय मूल के लोग रहते हैं। हमारा दूतावास उनसे लगातार संपर्क में है। हमने उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सलाह जारी की है।
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उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिति के बारे में भारत का रुख वही है जो 26 अक्टूबर को था, जब इस्राइल ने ईरान में सैन्य स्थलों पर सटीक हमले किए थे। भारत ने चिंता व्यक्त की थी और बातचीत और कूटनीति की वापसी का आह्वान किया था।
चालू संघर्ष से किसी का लाभ नहीं- जायसवाल
बढ़ते तनाव के बीच बयान में कहा गया कि हम पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और इसके क्षेत्र और उससे आगे के शांति और स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। जयसवाल ने कहा कि हम सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और बातचीत तथा कूटनीति की राह पर लौटने का आह्वान करते हैं। उन्होंने कहा कि चालू संघर्ष का किसी को लाभ नहीं है, जबकि निर्दोष बंधकों और नागरिकों को लगातार कष्ट उठाना पड़ रहा है।
अमेरिका द्वारा भारतीय कंपनियों के बैन पर बोले जायसवाल
रूस के सैन्य-औद्दोगिक केंद्र के समर्थन मामले में अमेरिका ने भारत के 15 कंपनियों सहित अलग-अलग देशों के कुल 275 कंपनियों को बैन कर दिया है। जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नई दिल्ली इस मुद्दे को स्पष्ट करने के लिए वाशिंगटन के संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार जिन लेनदेन और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे भारतीय कानूनों का उल्लंघन नहीं करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत के पास एक मजबूत कानूनी ढांचा है और हम वासेनार व्यवस्था, ऑस्ट्रेलिया समूह और मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था जैसे कई बहुपरस्पर अप्रसार नियंत्रण व्यवस्थाओं के सदस्य हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की एजेंसियां नियमित रूप से भारतीय उद्योग और हितधारकों के लिए निर्यात नियंत्रण के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। बता दें कि अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने कहा है कि चीन, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड और तुर्की की कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो रूस को उन्नत तकनीक और उपकरण प्रदान कर रही थीं।
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बता दें कि बीते 26 अक्टूबर को इस्राइल रक्षा बलों (IDF) ने घोषणा की थी कि उनके सैन्य ने ईरानी सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमले किए हैं। यह उस समय किया गया जब तेहरान ने हाल ही में इस्राइल की ओर मिसाइलों की बौछार की थी।
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रणधीर जायसवाल ने दी जानकारी
पश्चिम देशों में बढ़ते तनाव में भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि इस्राइल में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक यात्रा सलाह जारी की गई है। उन्होंने कहा कि इस्राइल में लगभग 20,000-30,000 भारतीय मूल के लोग रहते हैं। हमारा दूतावास उनसे लगातार संपर्क में है। हमने उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक सलाह जारी की है।
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उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में स्थिति के बारे में भारत का रुख वही है जो 26 अक्टूबर को था, जब इस्राइल ने ईरान में सैन्य स्थलों पर सटीक हमले किए थे। भारत ने चिंता व्यक्त की थी और बातचीत और कूटनीति की वापसी का आह्वान किया था।
चालू संघर्ष से किसी का लाभ नहीं- जायसवाल
बढ़ते तनाव के बीच बयान में कहा गया कि हम पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और इसके क्षेत्र और उससे आगे के शांति और स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। जयसवाल ने कहा कि हम सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और बातचीत तथा कूटनीति की राह पर लौटने का आह्वान करते हैं। उन्होंने कहा कि चालू संघर्ष का किसी को लाभ नहीं है, जबकि निर्दोष बंधकों और नागरिकों को लगातार कष्ट उठाना पड़ रहा है।
अमेरिका द्वारा भारतीय कंपनियों के बैन पर बोले जायसवाल
रूस के सैन्य-औद्दोगिक केंद्र के समर्थन मामले में अमेरिका ने भारत के 15 कंपनियों सहित अलग-अलग देशों के कुल 275 कंपनियों को बैन कर दिया है। जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नई दिल्ली इस मुद्दे को स्पष्ट करने के लिए वाशिंगटन के संपर्क में है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार जिन लेनदेन और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे भारतीय कानूनों का उल्लंघन नहीं करती हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि भारत के पास एक मजबूत कानूनी ढांचा है और हम वासेनार व्यवस्था, ऑस्ट्रेलिया समूह और मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था जैसे कई बहुपरस्पर अप्रसार नियंत्रण व्यवस्थाओं के सदस्य हैं।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार की एजेंसियां नियमित रूप से भारतीय उद्योग और हितधारकों के लिए निर्यात नियंत्रण के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं। बता दें कि अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने कहा है कि चीन, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड और तुर्की की कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जो रूस को उन्नत तकनीक और उपकरण प्रदान कर रही थीं।