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WCD: सरकार ने इस साल इन योजनाओं पर किया ध्यान केंद्रित, महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को मिला बढ़ावा

Tue, 27 Dec 2022 04:02 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 27 Dec 2022 04:02 PM IST
सार

सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 अभियान ने बच्चों, किशोर लड़कियों और गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों की देखभाल करने के लिए पोषण सहायता पर ध्यान केंद्रित किया। जबकि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण था।

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WCD ministry focussed on three verticals in 2022 to tackle various issues of women children
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

महिला एव बाल विकास मंत्रालय ने इस साल अपनी विभिन्न योजनाओं की बेहतर निगरानी और कुशल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए 'सक्षम आंगनवाड़ी', पोषण-2.0, मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के तीन कार्यक्षेत्रों के जरिए काम किया। 

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सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 अभियान ने बच्चों, किशोर लड़कियों और गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं और बच्चों की देखभाल करने के लिए पोषण सहायता पर ध्यान केंद्रित किया। जबकि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण था। वहीं मिशन वात्सल्य बच्चों की सुरक्षा और कल्याण पर केंद्रित था। 
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मंत्रालय ने पिछले साल बेहतर कार्यान्वयन के लिए अपने सभी प्रमुख योजनाओं को इन तीन कार्यक्रमों के तहत वर्गीकृत किया था। सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 मिशन के तहत मंत्रालय ने एक अगस्त को योजना दिशानिर्देश जारी किए, जिसके तहत दो लाख आंगनवाड़ी केंद्रों को बेहतर पोषण और शैक्षिक वातावरण के लिए मजबूत और उन्नत किया जाना था। 
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अब तक 11.22 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, बच्चों की नियमित विकास निगरानी को बढ़ावा देने के लिए 12.65 लाख निगरानी उपकरण जैसे इन्फेंटोमीटर, स्टैडोमीटर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा खरीदे गए हैं। 

महिलाओं और बच्चों के पोषण की स्थति को रियल टाइम में बढ़ावा देने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के स्मार्टफोन पर पोषण ट्रैकर एप्लिकेशन डाला गया है। इसमें 31 अक्तूबर तक करीब 9.84 करोड़ लाभार्थी शामिल हो चुके हैं।  

भोजन और सेवाओं की डिलीवरी को सुनिश्चित करने के लिए पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों को आधार से जोड़ा गया था। इस वजह से नागरिक अधिकार समूहों ने विरोध किया। इन समूहों ने चिंता जताई थी कि आधार कार्ड न रखने वाले बच्चे पोषण सुविधाओं से वंचित रह जाएंगे। इसके बाद महिला और बाल विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पोषण योजना का लाभ उठाने के लिए बच्चे का आधार कार्ड अनिवार्य नहीं है और पोषण ट्रैकर ऐप पर पंजीकरण करने के लिए इसे मां के बायोमेट्रिक कार्ड का उपयोग करके एक्सेस किया जा सकता है। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों से मिलने वाले टेक-होम राशन में आयुष तत्वों को जोड़ने की संभावना तलाश रही है। अधिकारी ने कहा, इस परियोजना को गुजरात और कर्नाटक में प्रायोगिक आधार पर आजमाया गया और दोनों राज्यों ने अच्छे नतीजे दिए हैं। 


एक अन्य अधिकारी ने कहा, इस साल सरकार ने बेहतर आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रदान करने के लिए विभिन्न हेल्पलाइन जैसे 112, 181 और 1098 को भी एकीकृत करने का फैसला किया है। 

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