WB Politics: अभिषेक बनर्जी बोले- मनरेगा के लिए धन मुहैया नहीं किए जाने पर टीएमसी नई दिल्ली में देगी धरना
टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने मैनागुड़ी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र को सौंपी गई मनरेगा सूची में यदि एक भी गड़बड़ी पाई गई तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
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पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने शनिवार को कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम (मनरेगा) के लिए शीघ्र धन मुहैया कराने में केंद्र के नाकाम रहने की स्थिति में वह जल्द ही नई दिल्ली में धरना देगी।
टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने मैनागुड़ी में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र को सौंपी गई मनरेगा सूची में यदि एक भी गड़बड़ी पाई गई तो वह राजनीति छोड़ देंगे। डायमंड हार्बर से सांसद ने दावा किया, मनरेगा के तहत काम नहीं मिलने की वजह से 20 लाख से अधिक लोग घर पर बैठे हुए हैं क्योंकि केंद्र धन मुहैया नहीं करा रहा। मैं पार्टी के सांसदों के साथ इस मुद्दे पर मिलने के लिए दिल्ली में संबद्ध केंद्रीय मंत्री के पास गया, लेकिन वह नहीं मिले।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे ने कहा कि टीएमसी इस मुद्दे पर दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना देगी और लोगों का अधिकार दिला कर रहेगी। पिछले महीने, मुख्यमंत्री मनरेगा के बकाये भुगतान को लेकर कोलकाता में दो दिवसीय धरने पर बैठी थीं।
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा अपने तुच्छ हितों को पूरा करने के लिए उत्तर बंगाल के रूप में एक अलग राज्य की मांग कर रही है, न कि क्षेत्र के विकास के लिए। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा अपने तुच्छ हितों की पूर्ति के लिए अलगाववाद और एक क्षेत्र के विभाजन में विश्वास करती है न कि विकास में। हालांकि, न तो अलग राज्य के एजेंडे को साकार किया जाएगा, न ही कोई विकास पहल की जाएगी। केवल टीएमसी ही इस क्षेत्र में विकास ला सकती है। सांसद बनर्जी ने कहा कि 2018 के चुनावों में जलपाईगुड़ी में 80 पंचायतों में से आधे पर टीएमसी की हार हुई, लेकिन मुख्यमंत्री ममता ने बिना किसी भेदभाव के सभी क्षेत्रों का विकास सुनिश्चित किया।
कालियागंज घटना को लेकर शुक्रवार को उत्तर बंगाल में बंद आयोजित करने के लिए भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की इस तरह की संस्कृति को अपना रही है।कालियागंज में 17 वर्षीय एक किशोरी की मौत को लेकर ‘जनजातीय समुदाय के उत्पीड़न’ के खिलाफ भाजपा ने शुक्रवार को 12 घंटों के बंद का आयोजन किया था।
बंगाल के अल्पसंख्यक धीरे-धीरे टीएमसी से दूर होते जा रहे: सुवेंदु
भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से धीरे-धीरे दूर जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा, हो सकता है कि वे भी फिलहाल भाजपा के पक्ष में भी न हों।
भाजपा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की बैठक में बोलते हुए सुवेंदु ने कहा कि अल्पसंख्यकों ने पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी पर वोटों की बौछार की थी। लेकिन अब उन्होंने टीएमसी से दूर जाना शुरू कर दिया है। हालांकि, ऐसा भी हो सकता है कि फिलहाल वे भाजपा के समर्थन में भी नहीं हों। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अधिकारी ने आरोप लगाया कि यही कारण है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 'विभाजनकारी राजनीति' का सहारा ले रही हैं और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) का मुद्दा उठा रही हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि टीएमसी सरकार ने पश्चिम बंगाल में 'वंशवाद, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति' की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल में विकास लाना चाहती है और वंशवाद की राजनीति को समाप्त करना चाहती है। राज्य के लगभग 45 लाख प्रवासी श्रमिक हैं जो कहीं और काम कर रहे हैं क्योंकि यहां कोई नौकरी नहीं है। ममता बनर्जी सरकार रोजगार पैदा करने में विफल रही है। इन प्रवासी श्रमिकों में से लगभग 70 प्रतिशत अल्पसंख्यक समुदायों से हैं।
आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी नेता और शहरी विकास मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा, अल्पसंख्यक हो या बहुसंख्यक हर कोई टीएमसी और ममता बनर्जी के साथ रहा है और भविष्य में भी हमारे साथ रहेगा।