फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   WB Guv writes to CM over police disallowing post-poll violence 'victims' from entering Raj Bhavan

West Bengal: ‘राजभवन में हिंसा के पीड़ितों के प्रवेश पर क्यों लगाई रोक?’, राज्यपाल बोस का ममता बनर्जी से सवाल

Fri, 14 Jun 2024 04:37 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: मिथिलेश नौटियाल Updated Fri, 14 Jun 2024 04:37 PM IST
सार

West Bengal: गुरुवार को पुलिस ने लोकसभा चुनाव के बाद हिंसा के पीड़ितों के राजभवन में प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इस मामले में राज्यपाल ने सीएम ममता बनर्जी से सवाल पूछा है कि अनुमति के बाद भी राजभवन में हिंसा के पीड़ितों के प्रवेश पर रोक क्यों लगाई गई।

विज्ञापन
WB Guv writes to CM over police disallowing post-poll violence 'victims' from entering Raj Bhavan
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने सवाल पूछा है कि आखिर किस आधार पर पुलिस ने हिंसा के पीड़ितों के राजभवन में प्रवेश पर रोक लगाई? उन्होंने लिखा है कि इसके लिए राजभवन की तरफ से पहले ही अनुमति दी गई थी। 

विज्ञापन


राज्यपाल ने हिंसा के पीड़ितों से की मुलाकात 
सीवी आनंद बोस ने इसके बाद बड़ाबाजार के माहेश्वरी भवन का भी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद हिंसा के पीड़ितों से भी मुलाकात की। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा के आरोप लगाए हैं। हालांकि, राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
विज्ञापन

इस मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल ने पीड़ितों से मुलाकात के लिए लिखित में अनुमति दी थी। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और पीड़ितों को मुलाकात की अनुमति दी गई थी कि राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात करें। इसके बाद भी पुलिस ने उनके प्रवेश पर रोक लगा दी। अधिकारी ने आगे बताया कि राज्यपाल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को संवैधानिक निर्देश जारी कर यह जानना चाहा कि पीड़ितों को मिलने से क्यों रोका गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन




पुलिस ने लगाई थी रोक
गुरुवार को पुलिस ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी और चुनाव बाद हिंसा के कथित पीड़ितों को सीआरपीसी की धारा 144 का हवाला देते हुए राजभवन में प्रवेश करने से रोका था। सीवी आनंद बोस ने ममता बनर्जी को लिखे पत्र में संवैधानिक मानदंडों का भी हवाला दिया। संवैधानिक नियमों के तहत मुख्यमंत्री को राज्य मामलों के प्रशासन और कानून से संबंधित फैसलों के बारे में राज्यपाल को सूचित करना आवश्यक होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed