लॉकडाउन में गंगा इठलाई, प्रदूषण में कमी आई, पानी 40 से 50 फीसदी तक हुआ साफ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जो काम अब तक देश की कोई सरकारें नहीं कर पाई वो लॉकडाउन ने कर दिखाया। लॉकडाउन का ये शायद पहला और अब तक का सबसे बड़ा सकारात्मक परिणाम है कि राष्ट्रीय नदी गंगा के प्रदूषण में कमी आई है। गंगाजल में 40 से 50 फीसदी सुधार का दावा भी जानकार कर रहे हैं।
कोरोना वायरस की वजह से देश में चल रहे लॉकडाउन और कल-कारखानों के बंद होने के चलते गंगा के पानी में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद से गंगा के पानी में 40-50 प्रतिशत का सुधार हुआ है।
लॉकडाउन के बाद देखने को मिल रहा बदलाव
समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर डॉ पीके मिश्रा ने कहा, 'गंगा में अधिकतर प्रदूषण कंपनियों की वजह से होता है और लॉकडाउन की वजह से उनके बंद होने के बाद यहां एक महत्वपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है।
उनके मुताबिक 15-16 मार्च को हुई बरसात के बाद गंगा के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, अगर हम लॉकडाउन के पहले और बाद के हालात पर नजर डालें तो बदलाव साफतौर पर देखा जा सकता है।'
साफ गंगा देखकर लोग हो रहे खुश
वहीं वाराणसी के स्थानीय लोगों के मुताबिक, लॉकडाउन की वजह से लोग गंगा स्नान नहीं कर रहे हैं और फैक्टरियां भी बंद हैं, इसकी वजह से गंगा का पानी बहुत साफ नजर आ रहा है। लॉकडाउन की वजह से ऐसा बदलाव देखकर खुशी हो रही है। कानपुर के लोगों का भी गंगा को लेकर कुछ ऐसा ही मानना है।
दुनियाभर में जारी हैं पाबंदियां
बता दें कि तीन महीने पहले चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस की वजह से दुनिया का हर बड़ा देश लॉकडाउन में है और पूरी तरह से बंद है। इस जानलेवा महामारी की वजह से अब तक दस लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और 63000 से अधिक लोगों की जान गई है। वहीं भारत में भी अब तक 3000 से अधिक संक्रमित हुए हैं और 75 मौतें हुई हैं।