{"_id":"5ae464a14f1c1b350a8b6f11","slug":"war-memorial-near-india-gate-will-be-ready-by-independence-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहीदों के सम्मान में नहीं होगी और देरी, स्वतंत्रता दिवस तक बनकर तैयार हो जाएगा पहला युद्ध स्मारक","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
शहीदों के सम्मान में नहीं होगी और देरी, स्वतंत्रता दिवस तक बनकर तैयार हो जाएगा पहला युद्ध स्मारक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Apr 2018 06:46 PM IST
विज्ञापन
इंडिया गेट
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
1947 के बाद अपने जीवन का बलिदान देने वाले सैनिकों की याद में भारत का पहला युद्ध स्मारक भारत की राजधानी में इंडिया गेट के आसपास बनाया जा रहा है।
इस परियोजना में शामिल वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह एक खुला स्मारक होगा जिसकी स्वतंत्रता दिवस तक बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।
यह परियोजना को रक्षा मंत्रालय द्वारा पूरा कराया जा रहा है। यह परियोजना इंडिया गेट के केंद्रीय धुरी के जैसी ही होगी, जो प्रथम विश्व युद्ध में मरने वाले भारतीय सैनिकों की शहादत मनाता है।
केंद्रित गोलाकार डिजाइन में बनाया जा रहा यह स्मारक लगभग 40 एकड़ में फैला होगा और इसके केंद्र में 15 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ होगा।
इन्हीं अधिकारियों में से एक ने कहा, "राष्ट्रीय चिह्न को स्मारक स्तंभ के उपर रखा जाएगा। इसमें शाश्वत लौ भी जलता रहेगा, जो दर्शाता है कि सैनिकों द्वारा किए गए बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाता है।"
एक बार यह बनकर तैयार हो जाएगा, तो विजय चौक से खड़े होकर इंडिया गेट और स्मारक स्तंभ को देखा जा सकेगा।
विज्ञापन
इस परियोजना में शामिल वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि यह एक खुला स्मारक होगा जिसकी स्वतंत्रता दिवस तक बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है।
यह परियोजना को रक्षा मंत्रालय द्वारा पूरा कराया जा रहा है। यह परियोजना इंडिया गेट के केंद्रीय धुरी के जैसी ही होगी, जो प्रथम विश्व युद्ध में मरने वाले भारतीय सैनिकों की शहादत मनाता है।
केंद्रित गोलाकार डिजाइन में बनाया जा रहा यह स्मारक लगभग 40 एकड़ में फैला होगा और इसके केंद्र में 15 मीटर ऊंचा स्मारक स्तंभ होगा।
इन्हीं अधिकारियों में से एक ने कहा, "राष्ट्रीय चिह्न को स्मारक स्तंभ के उपर रखा जाएगा। इसमें शाश्वत लौ भी जलता रहेगा, जो दर्शाता है कि सैनिकों द्वारा किए गए बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाता है।"
विज्ञापन
एक बार यह बनकर तैयार हो जाएगा, तो विजय चौक से खड़े होकर इंडिया गेट और स्मारक स्तंभ को देखा जा सकेगा।