Waqf Bill 'UMEED': मोदी सरकार ने बदला वक्फ संशोधन विधेयक का नाम, रिजिजू बोले- इससे 'उम्मीद' की भावना जागेगी
लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने दोपहर 12 बजे इसे सदन के पटल पर रखा। आइए पढ़ते हैं कि इस दौरान मंत्री ने क्या-क्या कहा...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। इस दौरान रिजिजू ने विधेयक को लेकर विस्तार से जानकारी दी और इसके नए नाम का भी एलान किया। उन्होंने कहा, 'हमने जो वक्फ (संशोधन) विधेयक पेश किया है, उसमें जेपीसी की कई सिफारिशें शामिल हैं, जिन्हें हमने स्वीकार कर लिया है और इस विधेयक में शामिल कर लिया है। यह कहना गलत है कि जेपीसी की सिफारिशें इस विधेयक में शामिल नहीं की गई हैं। इस विधेयक का एक बहुत ही महत्वपूर्ण पहलू नई संरचित प्रणाली है। वक्फ विधेयक का नाम बदलकर एकीकृत वक्फ प्रबंधन सशक्तीकरण, दक्षता और विकास (यूएमईईडी) विधेयक कर दिया गया है। इससे 'उम्मीद' की भावना जगेगी।'
इससे पहले रिजिजू ने कहा, '2013 में 2014 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कुछ ऐसे कदम उठाए गए थे, जो आपके मन में सवाल खड़े करेंगे। 2013 में सिखों, हिंदुओं, पारसियों और अन्य लोग वक्फ बना सकते थे। यह बदलाव कांग्रेस ने 2013 में किया था। कांग्रेस ने बोर्ड को खास बनाया, शिया बोर्ड में सिर्फ शिया ही शामिल होंगे। एक धारा जोड़ी गई कि वक्फ का प्रभाव हर दूसरे कानून पर हावी होगा। यह धारा कैसे स्वीकार्य हो सकती है?'
यह भी पढ़ें- 'सरकार वक्फ विधेयक से किसी भी धार्मिक मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी', लोकसभा में रिजिजू का बयान
'प्रावधानों का किसी मस्जिद या धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं'
रिजिजू ने कहा, 'वक्फ बोर्ड के प्रावधानों का किसी मस्जिद, मंदिर या धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं है। यह केवल संपत्ति प्रबंधन का मामला है... अगर कोई इस बुनियादी अंतर को समझने में विफल रहता है या जानबूझकर नहीं समझना चाहता है, तो मेरे पास इसका कोई समाधान नहीं है...।'
'आप चुनाव हार गए, तो फिर क्या फायदा हुआ'
उन्होंने कहा, '2012-2013 में किए गए कामों के बारे में मैं बताना चाहता हूं कि चुनाव नजदीक थे और आचार संहिता लागू होने वाली थी। अप्रैल-मई 2014 में चुनाव हुए। 5 मार्च 2014 को यूपीए सरकार ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली 123 प्रमुख संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड को हस्तांतरित कर दिया। इसकी क्या जरूरत थी? चुनाव में बस कुछ ही दिन बचे थे। क्या आप इंतजार नहीं कर सकते थे? आपको लगा कि इससे आपको चुनाव जीतने में मदद मिलेगी, लेकिन आप चुनाव हार गए, तो फिर क्या फायदा हुआ? ऐसी हरकतों से वोट नहीं मिलते।'
'संशोधन करना आवश्यक था'
रिजिजू ने कहा, 'इस विधेयक में कुछ विसंगतियां थीं, इसलिए इसमें संशोधन करना आवश्यक था। मैंने पहले भी कहा था कि कोई भी भारतीय वक्फ बना सकता है, लेकिन 1995 में ऐसा नहीं था। 2013 में आपने इसमें बदलाव किए और अब हमने 1995 के प्रावधान को बहाल कर दिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि केवल वही व्यक्ति वक्फ बना सकता है जिसने कम से कम पांच साल तक इस्लाम का पालन किया हो।'
यह भी पढ़ें- 'किसी की बात कोई बदगुमा न समझेगा, जमीन का दर्द कभी आसमान नहीं समझेगा', लोकसभा में बोले रिजिजू
मंत्री ने अपना खुद का उदाहरण दिया
उन्होंने कहा, 'अब वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, बोहरा, पिछड़े मुसलमान, महिलाएं और विशेषज्ञ गैर-मुस्लिम भी होंगे। मैं इसे विस्तार से बताना चाहता हूं मैं अपना खुद का उदाहरण देता हूं। मान लीजिए मैं मुसलमान नहीं हूं, लेकिन मैं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री हूं। फिर मैं सेंट्रल वक्फ काउंसिल का चेयरमैन बन जाता हूं। मेरे पद के बावजूद, काउंसिल में अधिकतम 4 गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं और उनमें से 2 महिला सदस्य अनिवार्य हैं।
'रेलवे की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के बराबर कैसे मान सकते हैं?'
रिजिजू ने कहा कि रेलवे ट्रैक, स्टेशन और बुनियादी ढांचा राष्ट्र का है, न कि केवल भारतीय रेलवे का। हम रेलवे की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के बराबर कैसे मान सकते हैं? इसी तरह रक्षा भूमि, जो दूसरी सबसे बड़ी भूमिधारक है, राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य प्रशिक्षण के लिए है। इसकी तुलना वक्फ भूमि से कैसे की जा सकती है? बहुत सी वक्फ संपत्तियां निजी संपत्तियां हैं। यही कारण है कि भारत में दुनिया में सबसे अधिक वक्फ संपत्ति है।'
'सरकार गरीब मुसलमानों की बेहतरी के लिए काम कर रही है, तो इसमें आपत्ति क्यों?'
उन्होंने कहा, 'जब हमारे देश में दुनिया की सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति है, तो इसका इस्तेमाल गरीब मुसलमानों की शिक्षा, चिकित्सा, कौशल विकास और आय सृजन के लिए क्यों नहीं किया गया? इस संबंध में अब तक कोई प्रगति क्यों नहीं हुई?...अगर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह सरकार गरीब मुसलमानों की बेहतरी के लिए काम कर रही है, तो इसमें आपत्ति क्यों है?'
यह भी पढ़ें- Parliament Budget Session Live: 'आप 20-25 साल और अध्यक्ष रहेंगे...', अखिलेश की टिप्पणी पर अमित शाह ने ली चुटकी
'मुसलमानों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि पूरे देश की तकदीर भी बदल जाएगी'
रिजिजू ने कहा, 'हमने अपने WAMSI पोर्टल पर रिकॉर्ड की समीक्षा की है। 2006 में गठित सच्चर कमेटी ने भी इस मामले पर विस्तृत जानकारी दी है। 2006 में 4.9 लाख वक्फ संपत्तियां थीं और उनसे कुल आय 163 करोड़ रुपये थी और 2013 में बदलाव करने के बाद आय 166 करोड़ रुपये हो गई है।' उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में कुल वक्फ संपत्ति 4.9 लाख से बढ़कर 8.72 लाख हो गई है। अगर इन 8.72 लाख वक्फ संपत्तियों का सही ढंग से प्रबंधन किया जाए, तो इससे न केवल मुसलमानों का जीवन बेहतर होगा, बल्कि पूरे देश की तकदीर भी बदल जाएगी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.