बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

41,682 केस...30 साल से बस तारीख पर तारीख, जानें सबसे पुराना लंबित मामला

अमित कुमार, नई दिल्ली Published by: अमित कुमार Updated Mon, 09 Dec 2019 05:40 PM IST
विज्ञापन
लंबित मामले
लंबित मामले - फोटो : Amar Ujala Graphics
ख़बर सुनें
हैदराबाद की पशु चिकित्सक से हैवानियत करने वाले आरोपियों के साथ जो हुआ, उस पर पूरा देश बंटा दिख रहा है। कोई पुलिस के एनकाउंटर को सही 'इंसाफ' बता रहा है, तो कोई इसे न्यायिक प्रक्रिया से खिलवाड़ करार दे रहा है।
विज्ञापन


देश में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो दिशा के हत्यारों के एनकाउंटर से खुश हैं। आखिर ऐसा क्यों...?

अंग्रेजी में कहावत है, 'जस्टिस डिलेड इज जस्टिस डिनाइड' मतलब न्याय में देरी का मतलब न्याय नहीं मिलना ही है। देश में लंबित आपराधिक मुकदमों पर नजर दौड़ाएं तो यह कहावत काफी हद तक चरितार्थ होती दिखती है। 


न्याय के लिए इंतजार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश की जिला व तालुका अदालतों में 3 करोड़ 17 लाख 35 हजार 214 कुल मामले लंबित हैं। इनमें से 2 करोड़ 27 लाख 95 हजार 420 केस आपराधिक हैं। दुष्कर्म और बच्चों से दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों के मामलों में जल्द फैसले के लिए देश में 1023 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव है। इसके बावजूद इंसाफ पाने की राह बहुत ही लंबी दिख रही है। 

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के मुताबिक देशभर में 1023 फास्ट ट्रैक गठित करने का प्रस्ताव है। इनमें से 400 पर सहमति बन भी चुकी है और 160 तो शुरू भी हो चुकी हैं। इसके अलावा 704 फास्ट ट्रैक कोर्ट पहले से ही काम कर रही हैं। 

करोड़ों लोग वर्षों से न्याय के इंतजार में अदालत के चक्कर काट रहे हैं। मगर उन्हें सिर्फ तारीख ही मिल रही है। तेलंगाना पुलिस ने जो एनकाउंटर किया, उसके बाद पुलिसवालों पर जो फूल बरसाए गए, वह शायद इसी लंबे इंतजार की हताशा थी। इसी वजह से शायद लोग कह रहे हैं, 'ठीक किया जो ठोक दिया।'

तीन दशक से इंसाफ का इंतजार 
 

विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us