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Jagdeep Dhankhar: उपराष्ट्रपति ने जताई चिंता, बोले- कुछ ताकतें लोकतंत्र को नष्ट करना चाहती हैं, सतर्क रहें

Sun, 11 Aug 2024 11:23 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sun, 11 Aug 2024 11:23 PM IST
सार

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि यह फैलाने का प्रयास हो रहा है कि कुछ दिन पहले हमारे पड़ोस में जो हुआ वह हमारे भारत में होना निश्चित है, यह चिंताजनक है। 

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VP Jagdeep Dhankhar says they destroy our democracy be cautious
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राष्ट्रविरोधी ताकतों के प्रति सतर्क रहने के लिए कहा है। उन्होंने चिंता जताई है कि देश के अंदर और बाहर से कुछ विरोधी ताकतें विकास में बाधा डालने के लिए उत्साहित हैं। ये ताकतें हमारी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही हैं। इनका शिकार बनना खतरनाक है।

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बांग्लादेश जैसी स्थिति भारत में हो सकती है वाले विपक्षी नेताओं के बयान पर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि यह फैलाने का प्रयास हो रहा है कि कुछ दिन पहले हमारे पड़ोस में जो हुआ वह हमारे भारत में होना निश्चित है, यह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि हम अपने संस्थानों को नापाक मंसूबों से बचाने के लिए काम करें जो हमारे लोकतंत्र को नष्ट करना चाहते हैं।
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उपराष्ट्रपति ने कहा कि अगर यह संस्थाएं कमजोर हो गईं तो हमारे लोकतंत्र को खतरे में डाल देंगी और हमारे विकास पथ को पटरी से उतार देंगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए शत्रुतापूर्ण काम करने वाली इन ताकतों के पास खतरनाक एजेंडे हैं। इन्हें पहचानना आसान नहीं है। इसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है। 
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शनिवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जोधपुर में राजस्थान उच्च न्यायालय के प्लेटिनम जयंती समारोह में भी बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा था कि मैं आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहता हूं और वे यह धारणा फैलाना चाहते हैं कि कुछ दिन पहले हमारे पड़ोस में जो हुआ, वह भारत में भी होने वाला है। यह बहुत चिंताजनक है। इस देश का नागरिक संसद में रहते हुए कैसे ऐसा कर सकता है। इनमें से एक प्रतिष्ठित कानूनी बिरादरी से संबंधित है, जबकि दूसरे ने भारतीय विदेश सेवा में पर्याप्त अनुभव प्राप्त किया है। दोनों को शासन में महत्वपूर्ण पदों पर रहने का अवसर मिला है, क्योंकि मंत्री यह कहने में देर नहीं लगाते कि पड़ोस में जो हुआ, वह भारत में भी होगा। सावधान रहें।

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