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Sonia Gandhi Remark: उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सोनिया गांधी की टिप्पणी को बताया अशोभनीय, बोले- बयान समझ से परे
Thu, 22 Dec 2022 07:52 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 22 Dec 2022 07:52 PM IST
सार
सोनिया गांधी ने कहा था कि सरकार न्यायिक सुधार के बहाने न्यायपालिका को कमजोर करना चाहती है। संसद के उच्च सदन में बोलते हुए धनखड़ ने कहा कि न्यायपालिका को लेकर सोनिया गांधी का बयान उनकी समझ और सोच से परे है।
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जगदीप धनखड़
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने न्यायपालिका को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की टिप्पणी को अशोभनीय करार दिया है। सोनिया गांधी ने कहा था कि सरकार न्यायिक सुधार के बहाने न्यायपालिका को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। संसद के उच्च सदन में बोलते हुए धनखड़ ने कहा कि न्यायपालिका को लेकर सोनिया गांधी का बयान उनकी समझ और सोच से परे है।
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उन्होंने कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी पूरी तरह अनुचित है, जो लोकतंत्र में विश्वास की कमी का संकेत देती है। राज्यसभा के सभापति धनखड़ ने कहा, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का बयान मेरी समझ से परे है। न्यायपालिका को कमजोर करना मेरे विचारों से बिल्कुल भिन्न है। यह लोकतंत्र का स्तंभ है। मैं नेताओं से आग्रह करता हूं और अपेक्षा करता हूं कि वे उच्च संवैधानिक पदों पर पक्षपात का आरोप न लगाएं।
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सोनिया गांधी ने क्या कहा था...
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को पार्टी संसदीय दल की बैठक में आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार न्यायपालिका पर हमले कर रही है और सुनियोजित तरीके से न्यायपालिका को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। साथ ही उन्होंने सरकार पर जनता की नजर में न्यायपालिका की हैसियत कम करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया था।
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पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि यह न्यायिक सुधार के लिए उचित सुझाव देने की कोशिश नहीं है, बल्कि यह जनता की नजर में न्यायपालिका की हैसियत को कम करने की कोशिश है। उन्होंने कहा था कि मंत्रियों और ऊंचे संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को विभिन्न तरह से न्यायपालिका पर हमला करने वाले भाषण देने के लिए कहा गया है, न्यायपालिका के प्राधिकार को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास है।
किरेन रिजिजू ने कॉलेजियम सिस्टम पर उठाया था सवाल
केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कॉलेजियम सिस्टम पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि भारत के संविधान के लिए कॉलेजियम सिस्टम एलियन की तरह है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार इस प्रक्रिया का सम्मान करती है क्योंकि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के मुताबिक कोई भी न्यायपालिका का अपनाम नहीं कर सकता है। उन्होंने यह दावा भी किया था कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने विवेक से एक सुनवाई के दौरान कॉलेजियम को बनाया है।
साथ ही उन्होंने न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए राज्यसभा में कहा था कि जजों की नियुक्ति को लेकर जब तक नई व्यवस्था नहीं बनेगी, तब तक न्यायापालिका में रिक्तियों का मुद्दा और नियुक्तियों का सवाल उठता रहेगा।