राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव: मोदी सरकार को आईना दिखाने के मौके से नहीं चूकते राहुल गांधी
राहुल गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर तथ्यों और पूरे होमवर्क के साथ हमला बोला। कहा जा सकता है कि यह संसद भवन में राहुल गांधी का अब तक का सबसे लंबा भाषण था। इस दौरान वह आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी तंज कसने, हमला बोलने, तथ्यों के साथ सरकार की नीति को कठघरे में खड़ा करने से नहीं चूके...
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राहुल गांधी को जब भी संसद भवन में संबोधन का मौका मिलता है, वे सरकार की सांसत बढ़ाने के अवसर से नही चूकते। इसके लिए भी राहुल बजट पेश किए जाने वाले समय को ही चुनते हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पहला ताना सूट-बूट की सरकार का मारा था। इस ताने के बाद प्रधानमंत्री ने देश के कार्यक्रमों में तभी से आम तौर पर सूट पहनना छोड़ दिया है। कांग्रेस सांसद ने इसके बाद दूसरे बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे काले को गोरा बनाने वाली क्रीम करार दिया था। संसद भवन में राफेल लड़ाकू विमान का मुद्दा उठाकर उन्होंने चौकीदार (प्रधानमंत्री) चोर है, का सीधा आरोप लगा दिया और इस बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग लेते हुए उन्होंने कहा कि महामहिम, आपकी सरकार झूठ बोल रही है।
शहंशाह किसी की नहीं सुनते
राहुल गांधी ने पहली बार प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार पर तथ्यों और पूरे होमवर्क के साथ हमला बोला। कहा जा सकता है कि यह संसद भवन में राहुल गांधी का अब तक का सबसे लंबा भाषण था। इस दौरान वह आत्मविश्वास से लबरेज नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी तंज कसने, हमला बोलने, तथ्यों के साथ सरकार की नीति को कठघरे में खड़ा करने से नहीं चूके। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सम्राट अशोक से लेकर इतिहास के हर कालखंड में राजा लोगों की सुनता था। उन्होंने कहा कि भारत कोई साम्राज्य नहीं है। लोकतांत्रिक देश है। यहां संवाद जरूरी है, लेकिन शहंशाह किसी की नहीं सुनते। देश की संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर कर रहे हैं। मानदंडों को चोट पहुंचा रहे हैं।
राहुल बोले- मोदी सरकार विदेश और सामरिक नीति में फेल
डोकलाम में चीन की घुसपैठ के बाद से राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को लगातार कठघरे में खड़ा किया है। लद्दाख क्षेत्र में चीन की सेना के वास्तविक नियंत्रण रेखा को पार करने के बाद से लगातार मोदी सरकार को घेर रहे हैं। आज उन्होंने एक बार संसद में सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार की विदेश नीति और सामरिक नीति फेल हो चुकी है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत की हमेशा से चीन और पाकिस्तान को एक न होने देने की रणनीति रही है। लेकिन भारत सरकार की अदूरदर्शिता और गलत नीतियों के चलते दोनों मोर्चे खुल गए हैं। भारत चारों तरफ समस्याओं, चुनौतियों से घिर रहा है। चीन और पाकिस्तान बहुत सुनियोजित रणनीति से आगे बढ़ रहे हैं। दोनों भारत के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं और भारत इसे भांपने, इसकी काट तैयार में फेल है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ कहा कि दुनिया में भारत अलग-थलग पड़ चुका है। स्थिति यह है कि हमें गणतंत्र दिवस पर मेहमान के रूप में राष्ट्राध्यक्ष तक नहीं मिल रहे। इस बहाने राहुल गांधी ने मोदी सरकार-1 के समय में दुनिया में भारत का डंका बजने के दावे पर कटाक्ष किया। यह कटाक्ष को विश्व में पाकिस्तान को अलग-थलग करने के दावे से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
23 करोड़ लोगों को गरीबी में धकेला
सरकार की सामाजिक आर्थिक नीति पर कांग्रेस सांसद ने खुलकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान देश के 27 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर लाने में मदद मिली थी, लेकिन केंद्र सरकार की गलत नीतियों 2014 के बाद से देश के 23 करोड़ लोगों को वापस गरीबी में धकेल दिया। इसके लिए उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी और कोरोना संक्रमण के दौरान केंद्र सरकार द्वारा अपनाए गए तौर तरीकों को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार अंबानी, अडाणी जैसे 5-10 बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। देश का लघु, मध्यम और मझोले उद्योग (एमएसएमई) की हालत बिल्कुल खराब हो चुकी है। जबकि देश के लोगों को रोजगार देने, देश के औद्योगिक उत्पादन क्षेत्र को धार देने में इसका बड़ा योगदान है। देश के 84 फीसदी लोगों की आमदनी घटी और चंद लोगों की बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मेक इन इंडिया, न्यू इंडिया, स्टार्ट अप इंडिया बोलती जा रही है, लेकिन बिना एमएसएमई में जान डाले कोई मेक इन इंडिया नहीं हो सकता। केंद्र सरकार की इस भ्रामक नीति ने अमीर और गरीब दो हिंदुस्तान बना दिए हैं। कांग्रेस सांसद ने यहां आर्थिक नीति पर सरकार पर किए गए सभी हमले वाले बयान की याद ताजा कर दी।
आपकी राजनीति ने नफरत पैदा की
राहुल गांधी केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से लगातार भाजपा की 'बांटो और राज करो की नीति' पर प्रहार करते आए हैं। आज उन्होंने एक बार फिर दोहराया और सरकार को ताकीद की कि वह देश में लोगों को बांटने, उनके बीच में नफरत पैदा करना बंद कर दें। कांग्रेस सांसद ने चेताया कि नहीं संभले तो आने वाले समय में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की बुनियाद संघवाद पर आधारित है। इस ढांचे को मत छेड़िए। कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस देश में तमिलनाडु, केरल, मणिपुर, नागालैंड, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर सभी का बराबर सम्मान है। बराबर की प्राथमिकता है। लेकिन आपकी राजनीति देश में नफरत पैदा कर रही है और इस पर केंद्र सरकार को जवाब देना होगा।
अमित शाह को भी दिखाया आईना
राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कांग्रेस के नेताओं और देश के नागरिकों से कहा था कि डरो मत। आज उन्होंने लोकसभा में चर्चा में भाग लेते हुए यही संदेश देने की कोशिश की कि, वह रुकने या डरने वाले नहीं हैं और अपनी बात कहते रहेंगे। उन्होंने कहा भी कि वह अपनी परवाह नहीं करते। उनका भले ध्यान न रखा जाए, लेकिन देश महत्वपूर्ण है। इसी क्रम में उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के व्यवहार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनके पास मणिपुर के कुछ नेता आए थे। वह इससे पहले वे गृहमंत्री अमित शाह के पास गए थे। उन्होंने बताया कि गृहमंत्री के आवास पर उनकी जो बेइज्जती हुई है, वह पहले कभी नहीं हुई। उनके जूते-चप्पल उतरवाए गए। जबकि केंद्रीय गृह मंत्री चप्पल पहनकर टहल रहे थे।
लोकतंत्र में भरोसा रखता हूं, आप बोलिए
जब राहुल गांधी अपनी बात कह रहे थे तो सत्ता पक्ष के सदस्य बार-बार व्यवधान पैदा कर रहे थे। कुछ सदस्य बीच-बीच में टीका टिप्पणी, टोका-टाकी कर रहे थे। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कांग्रेस सांसद को अपनी बात कहने का अवसर दिया। राहुल गांधी यहां भी तंज कसने से बाज नहीं आए। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र में भरोसा रखते हैं। वह सत्ता पक्ष के लोगों को बोलने का समय देते हैं। यह कहकर कांग्रेस सांसद अपने स्थान पर बैठ गए। लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने सत्ता पक्ष के सदस्यों को बोलने की अनुमति नहीं दी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह अनुमति आसन देगा। इसे लोकसभा का सदस्य कैसे दे सकता है। हम यह अनुमति नहीं दे रहे हैं।