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देशहित में वायरस को हराने के लिए टीका परीक्षण में शामिल हो रहे स्वयंसेवी

Thu, 22 Oct 2020 07:25 AM IST
Jeet Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 22 Oct 2020 07:25 AM IST
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Volunteers is joining vaccine trials to defeat the virus in the national interest
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Amar Ujala

दिल्ली एम्स के पल्मोनरी विभाग की ओपीडी के बाहर एक बेंच पर बैठे 42 वर्षीय व्यक्ति कोरोना के टीके की दूसरी डोज लेने के इंतजार में है। उन्हीं के पास एक और 38 वर्षीय व्यक्ति अपने हाथ में जूस लेकर बैठे हैं। वह कुछ ही सेकेंट पहले ही टीके की डोज लेने के बाद बाहर आए हैं।

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अमर उजाला के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम देश के लिए समर्पित होना चाहते हैं। कोरोना वायरस को हराने के लिए हम यह टीका ले रहे हैं ताकि जल्द से जल्द लोगों को इस बीमारी से राहत मिल सके। अस्पताल जाने आने का खर्चा हमने ही दिया है। हालांकि देश सेवा के आगे यह कुछ भी नहीं।
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दक्षिणी दिल्ली जिला निवासी एक अन्य युवक ने बताया कि जब उन्हें एम्स में परीक्षण का पता चला तो उन्होंने अपनी पत्नी से मशवरा किया। इस दौरान उनकी छह वर्षीय बेटी ने कहा मैं टीका लगवाऊंगी और पूरी देश की जान बचाऊंगी।
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बेटी की इन बातों को सुनकर वह भावुक हो गए। पिछले दो महीनों से परीक्षण के साथ जुड़े 35 वर्षीय युवक अब तक टीके की दो डोज ले चुके हैं। अपनी नौकरी से विशेष तौर पर छुट्टी लेकर वह अस्पताल आते हैं। यहां तीन चार घंटे बिताने के बाद वापस घर जाते हैं।

सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है जज्बा
यह उत्साह और देश प्रेम सिर्फ दिल्ली एम्स में ही नहीं, बल्कि उन सभी राज्यों में देखने को मिल रहा है जहां कोरोना वायरस के टीके को लेकर परीक्षण चल रहे हैं। खुद डॉक्टर भी पहली बार लोगों में चिकित्सीय परीक्षण को लेकर इस तरह के विचारों को देख हैरान हैं।


दिल्ली एम्स के डॉ संजय राय बताते हैं, कि उनके यहां 100 लोगों पर परीक्षण किया जाना था लेकिन तीन दिन में ही आवेदन साढ़े चार हजार लोगों ने दिया।वहीं रोहतक पीजीआई में भी जरूरत से चार गुना ज्यादा आवेदन परीक्षण के लिए पहुंचे थे। जबकि पटना एम्स में तीन हजार आवेदन पहुंचे थे।

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