समंदर किनारे तीन दिन ध्यान करेंगे PM: विवेकानंद ने यहीं किए भारत माता के दर्शन, विकसित भारत का सपना भी देखा
जिस तरह भगवान गौतम बुद्ध के जीवन में सारनाथ का महत्व है ठीक उसी प्रकार यह चट्टान स्वामी विवेकानंद के लिए खास है। यहीं उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास को याद कर विकसित भारत का सपना देखा था।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 मई को लोकसभा चुनाव प्रचार के समाप्त होने के बाद कन्याकुमारी जाएंगे। यहां वे स्मारक रॉक मेमोरियल में ध्यान करेंगे। 30 मई की शाम से 1 जून की शाम तक प्रधानमंत्री मोदी ध्यान मंडपम में ध्यान करेंगे। खास बात यह है कि यह वही स्थान है, जहां स्वामी विवेकानंद ने देश भ्रमण के बाद तीन दिनों तक तप किया था। यहीं उन्होंने विकसित भारत का सपना देखा था।
यहीं उन्हें भारत माता के हुए थे दर्शन
भारत दर्शन के दौरान विवेकानंद ने आम लोगों की तकलीफ, दर्द, गरीबी, आत्म सम्मान और शिक्षा की कमी को नजदीक से जाना था। समुद्र तट से करीब 500 मीटर दूर स्थित चट्टान पर विवेकानंद 24 दिसंबर 1892 को तैर कर पहुंचे थे। 25 से 27 दिसंबर तक उन्होंने इसी चट्टान पर ध्यान किया था। उन्होंने यहां भारत के भविष्य के लिए विकसित भारत का सपना देखा था। यह वही जगह है, जहां उन्हें भारत माता के दर्शन हुए थे। इसी स्थान पर उन्होंने अपना बाकी जीवन लोगों को समर्पित करने का सपना देखा था। विवेकानंद शिला पर विवेकानंद स्मारक बनाने के लिए भी लंबा संघर्ष चला है। इसमें एकनाथ रानाडे ने बड़ी भूमिका निभाई थी।
चट्टान का पौराणिक महत्व भी है
जिस तरह भगवान गौतम बुद्ध के जीवन में सारनाथ का महत्व है ठीक उसी प्रकार यह चट्टान स्वामी विवेकानंद के लिए खास है। यहीं उन्होंने भारत के गौरवशाली इतिहास को याद कर विकसित भारत का सपना देखा था। चट्टान का एक पौराणिक महत्व भी है। कहा जाता है कि देवी पार्वती यहीं एक पैर पर बैठ कर भगवान शिव की प्रतीक्षा की थी।
2019 में केदारनाथ गए थे पीएम
चुनाव के बाद ध्यान करने जाना, यह पहली बार नहीं हो रहा है। इससे पहले 2019 लोकसभा चुनाव के अंतिम दौर के प्रचार थमने के बाद पीएम मोदी ध्यान करने केदारनाथ गए थे। यहां उन्होंने रुद्र गुफा में ध्यान किया था।
कन्याकुमारी में मिलती है दो तटरेखाएं
कन्याकुमारी तमिलनाडु का एक जिला है। यहीं पूर्वी और पश्चिमी तटरेखाएं मिलती हैं। यह हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का मिलन बिंदु भी है। एक नेता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी कन्याकुमारी जाकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दे रहे हैं। यह तमिलनाडु के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता और स्नेह को भी दर्शाता है।