{"_id":"65150bb36feeb819710514db","slug":"visual-of-p-8i-anti-submarine-warfare-maritime-surveillance-aircraft-from-naval-air-base-ins-rajali-2023-09-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"गौरव: 'हिंद महासागर में कोई सबमरीन बिना नजर में आए निकल ही नहीं सकती', नौसेना ने दिखाई P-8i एयरक्राफ्ट की झलक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
गौरव: 'हिंद महासागर में कोई सबमरीन बिना नजर में आए निकल ही नहीं सकती', नौसेना ने दिखाई P-8i एयरक्राफ्ट की झलक
Thu, 28 Sep 2023 10:46 AM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 28 Sep 2023 10:46 AM IST
सार
पी-8आई विमान को हिंद महासागर क्षेत्र का संरक्षक के तौर पर माना जाता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निगरानी के लिए इस विमान ने पिछले 10 सालों में 44,000 घंटों से भी अधिक उड़ान भरी।
विज्ञापन
P-8I Anti-Submarine Warfare & maritime surveillance aircraft
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय नौसेना ने हवाई अड्डे आईएनएस राजली से पी-8आई एंटी सबमरीन वॉरफेयर और समुद्र निगरानी विमान की झलक दिखाई है। पी-8आई को भारतीय नौसेना का खेल बदलने वाला विमान भी कहा जाता है। इस विमान ने लद्दाख सेक्टर में ऊंचाई वाले क्षेत्रों से भारतीय के विभिन्न इलाकों में निगरानी रखने में अहम भूमिका निभाई है।
इतना ही नहीं बल्कि डोकलाम संकट के दौरान सिक्किम-भूटान सेक्टर के साथ चीनी निर्माण का खुलासा करने के साथ पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में विदेशी युद्धपोतों और अनुसंधान जहाजों की लगातार निगरानी भी की। इस विमान को हिंद महासागर क्षेत्र का संरक्षक के तौर पर माना जाता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निगरानी के लिए इस विमान ने पिछले 10 सालों में 44,000 घंटों से भी अधिक उड़ान भरी। भारतीय नौसेना मौजुदा समय में 12 विमानों का संचालन करती है और भविष्य में अमेरिका से छह और विमान प्राप्त करने की भी योजना बना रही है।
विज्ञापन
आईएनएस राजली नौसैनिक हवाई अड्डे पर आईएनएस 312 स्क्वाड्रन के कमांडिंग अफसर कैप्टन अजितेंद्र कांत सिंह ने कहा, 'ऐसी कोई भी संभावना नहीं है कि कोई भी जहाज या पनडुब्बी हिंद महासागर क्षेत्र से 312 स्क्वाड्रन के बिना गुजरेगी। इसके बारे में पता नहीं था।'
कमांडर जिश्नु माधवन ने बताया, 'पी-81 विमान भारतीय नौसेना की आंख और कान बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह विमान कई महत्वपूर्ण समुद्री अभियानों को अंजाम देता है, जिससे भारतीय समुद्री योद्धाओं को रणनीतिक रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़त मिलती है।' उन्होंने इस विमान की तारीफ करते हुए इसे खेल बदलने वाला विमान समुद्री निगरानी के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताया है।
विज्ञापन
इतना ही नहीं बल्कि डोकलाम संकट के दौरान सिक्किम-भूटान सेक्टर के साथ चीनी निर्माण का खुलासा करने के साथ पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में विदेशी युद्धपोतों और अनुसंधान जहाजों की लगातार निगरानी भी की। इस विमान को हिंद महासागर क्षेत्र का संरक्षक के तौर पर माना जाता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में निगरानी के लिए इस विमान ने पिछले 10 सालों में 44,000 घंटों से भी अधिक उड़ान भरी। भारतीय नौसेना मौजुदा समय में 12 विमानों का संचालन करती है और भविष्य में अमेरिका से छह और विमान प्राप्त करने की भी योजना बना रही है।
विज्ञापन
#WATCH | Visual of P-8I Anti-Submarine Warfare & maritime surveillance aircraft from naval air base INS Rajali. P-8I is known as the game changer aircraft for the Indian Navy as it has played a key role in carrying out surveillance in multiple areas of Indian interest from the… pic.twitter.com/qAQhLUJPNE
— ANI (@ANI) September 28, 2023
विज्ञापन
आईएनएस राजली नौसैनिक हवाई अड्डे पर आईएनएस 312 स्क्वाड्रन के कमांडिंग अफसर कैप्टन अजितेंद्र कांत सिंह ने कहा, 'ऐसी कोई भी संभावना नहीं है कि कोई भी जहाज या पनडुब्बी हिंद महासागर क्षेत्र से 312 स्क्वाड्रन के बिना गुजरेगी। इसके बारे में पता नहीं था।'
कमांडर जिश्नु माधवन ने बताया, 'पी-81 विमान भारतीय नौसेना की आंख और कान बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह विमान कई महत्वपूर्ण समुद्री अभियानों को अंजाम देता है, जिससे भारतीय समुद्री योद्धाओं को रणनीतिक रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़त मिलती है।' उन्होंने इस विमान की तारीफ करते हुए इसे खेल बदलने वाला विमान समुद्री निगरानी के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताया है।