Viral Hepatitis: केरल के मलप्पुरम में वायरल हेपेटाइटिस से एक युवक की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने किया सतर्क
वायरल हेपेटाइटिस वायरल संक्रमण से होने वाला लिवर का रोग है। यह हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई नामक वायरस से हो सकता है, जिसमें हेपेटाइटिस ए से होने वाला संक्रमण सबसे सामान्य है।
विस्तार
केरल के मलप्पुरम में वायरल हेपेटाइटिस के वजह से एक युवक की मौत हो गई। पिछले तीन माह में यह जिले का छठा मामला है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को इस बीमारी से सतर्क रहने का आग्रह किया है। जिला चिकित्सा अधिकारी आर रेणुका ने बताया कि शुक्रवार को कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान युवक की मौत हुई। युवक चलियार पंचायत का रहने वाला था।
जिला जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक बयान में अधिकारी ने बताया कि मलप्पुरम जिले में इस साल जनवरी से वायरल हेपेटाइटिस के 3,184 संदिग्ध और 1,032 पुष्ट मामले सामने आए हैं। पांच संदिग्ध और पांच पुष्ट मौतें हुईं हैं। एक मौत मार्च में हुई जबकि अप्रैल में चार मौतें हुईं हैं। अधिकारी ने बताया कि पोथुकल, कुझिमन्ना, ओमानूर, पुकोटूर, मोरयूर, पेरूवल्लूर पंचायतों और मलप्पुरम नगर पालिका में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए।
लीवर प्रत्यारोपरण के दौरान संक्रमित हो गया था मृतक
स्वास्थ्य विभाग ने मामले में खुलासा किया कि मृतक के घर में एक नौ वर्षीय लड़की को 19 मार्च को वायरल हेपेटाइटिस का पता चला था। सूचना मिलते ही चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारियों ने घर का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न उपायों को वहां लागू किया। 22 अप्रैल को मृतक को चालियार फैमिली हेल्थ सेंटर में वायरल हेपेटाइटिस का पता चला। 26 अप्रैल को नीलांबुर जिला अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। हालांकि बाद में विशेष इलाज के लिए मेंचरी के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। लीवर की कार्यप्रणाली खराब होने के कारण उन्हें कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। यहां लीवर प्रत्यारोपरण के दौरान वह संक्रमित हो गया और शुक्रवार को इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
क्या है वायरल हेपेटाइटिस
वायरल हेपेटाइटिस वायरल संक्रमण से होने वाला लिवर का रोग है। यह हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई नामक वायरस से हो सकता है, जिसमें हेपेटाइटिस ए से होने वाला संक्रमण सबसे सामान्य है।
ये हैं लक्षण
वायरल हेपेटाइटिस के कुछ लक्षण हैं। हो सकता है आपको ये लक्षण सामान्य लगे लेकिन इनकी अनदेखी लिवर फेल होने या बहुत अधिक ब्लीडिंग में भी बदल सकती है। इसलिए समय रहते इसके लक्षणों को पहचानें और डॉक्टर से मिलें। प्रमुख लक्षण हैं-
- तेज बुखार
- शरीर में दर्द
- घबराहट, उबकाई व उल्टी
- लूज मोशन लगना
- आंखों में या त्वचा पर पीलापन
- पीली पेशाब होना
ऐसे बचाव करें
- इलाज से बेहतर हमेशा बचाव है। बरसात के मौसम में इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देंगे तो इस संक्रमण से बचे रहेंगे।
- बाहर के भोजन या बाहर के पानी से बचें, हो सके तो बाहर निकलते वक्त पानी की बोतल भी घर से ही लेकर चलें।
- गंदी जगहों पर लगे ठेलों से स्नैक्स या जूस न लें।
- पानी उबालकर पिएं।
- घर व आसपास की जगहों में पानी इकट्ठा न होने दें और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- कटे हुए फल देर तक न रखें, उन्हें तुरंत खा लें।
- दिन में बार-बार हाथ साबुन से साफ करें।