'चुन-चुन कर ड्रोन से बनाया गया निशाना': मणिपुर में ग्रामीण ने सुनाई आपबीती, कहा- दिन में भी घर में लग रहा डर
हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर में रविवार को कोउत्रुक गांव में पहली बार ड्रोन का हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया है। इस हमले में बंदूकों का भी इस्तेमाल किया गया था।
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बीते डेढ़ साल से मणिपुर में हिंसा जारी है। कुकी और मैतेई समुदाय के बीच जारी हिंसा फिलहाल थमती नहीं दिख रही है। शांति बहाली के लिए केंद्र और राज्य द्वारा की जा रही कोशिशें बेकार हो रही हैं। इस बीच, एक सितंबर को पश्चिमी इंफाल के कोत्रूक में कुकी उग्रवादियों ने हथियारबंद ड्रोन का इस्तेमाल कर आरपीजी यानी रॉकेट प्रोपैल्ड गन अटैक किया। यह चौंकाने के साथ ही चिंताजनक है। ड्रोन से हुए ताजा हमलों के कारण लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। मणिपुर के सेनजाम चिरांग में कई ग्रामीण सामुदायिक केंद्रो में रहने पर मजबूर हो गए हैं। इतना ही नहीं कई लोग तो पेड़ो के नीचे शरण लिए हुए हैं।
सेनजाम चिरांग के रहने वाले वाथम गंभीर ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि जब ड्रोन से हमला किया गया तो पहला बम उनके ही घर पर गिरा। इस हमले में उनकी बेटी घायल हो गई। इसके कुछ देर बाद ही उनके घर पर आसमान से एक के बाद एक दो बम गिरे।गंभीर ने बताया कि दूसरे बम के हमले में मैं और मेरा बेटा घायल हो गए। उन्होंने बताया कि बमों के इन हमलों से उनका घर तबाह हो गया। इसके बाद मजबूरी में उन्हें भागकर एक पेड़ के नीचे शरण लेनी पड़ी।
गंभीर ने बताया कि रविवार को उन्होंने ड्रोन की आवाज सुनी थी। इसके बाद हमने यह भी सुना कि कोउत्रुक पर बम गिराए गए हैं। इसके अगले ही दिन हमारे गांव को भी निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में हमें लगा कि ड्रोन की आवाज आवासीय इलाकों की जांच कर रहे ड्रोन की है। लेकिन कुछ देर बाद ही जोरदार धमाके की आवाज आई। गंभीर ने बताया कि जब हमले हो रहे थे तब बचने के लिए हम लगभग 50 मीटर दूर एक पेड़ की ओर भागे,ताकि छिप कर हम अपनी जान बचा सकें लेकिन ड्रोन ने हमारा पीछा किया और वहां भी बम से हमला किया। हम फिर से भागने लगे, लेकिन बम के प्रभाव में हम आगे की ओर उछल गए और घायल हो गए।
वहीं, गांव के स्वयंसेवक नाओबा सिंह ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए संदेह जताया कि रात में इस्तेमाल किए जा सकने वाले हाई-टेक ड्रोन देश के बाहर से लाए गए हैं। वहीं, एक अन्य ग्रामीण डब्ल्यू इनाओ ने कहा कि यहां हम सब डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि लोग दिन में भी घर पर रहने से घबरा रहे हैं। इसलिए करीब 10 परिवारों ने पास के सामुदायिक हॉल में शरण ली है।
गौरतलब है कि हिंसाग्रस्त राज्य मणिपुर में रविवार को कोउत्रुक गांव में पहली बार ड्रोन का हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया है। इस हमले में बंदूकों का भी इस्तेमाल किया गया था। इसमें दो लोगों की मौत हुई साथ ही नौ अन्य लोग घायल हो गए। इसके अगले ही दिन कोउत्रुक से करीब तीन किलोमीटर दूर सेनजाम चिरांग में फिर से ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। राज्य के सीएम एन बीरेन सिंह ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ड्रोन का इस्तेमाल करके नागरिक आबादी और सुरक्षा बलों पर बम गिराने को आतंकवादी कृत्य करार दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ड्रोन या उनके घटकों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, मणिपुर गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि राज्य सरकार को जानकारी मिली है कि कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने घटना को अंजाम दिया है।
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