माल्या के खिलाफ तीसरी बार जारी हुआ समन, ईडी से मांगा था मई तक का समय
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देश के 17 बैंको का करीब 9 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लेकर भाग चुके उद्योगपति विजय माल्या के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीसरी बार समन जारी कर उन्हें 9 अप्रैल 2016 तक पेश होने को कहा है। माल्या की शनिवार को ही पेशी थी लेकिन उन्होंने ईडी से मई तक की मोहलत मांगी थी।
#FLASH Enforcement Directorate issues fresh summons for Vijay Mallya, asks him to appear before April 9th '16.
— ANI (@ANI_news) April 2, 2016
विजय माल्या जैसे ही देश छोड़कर भागे वैसे ही ईडी ने उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत समन जारी किया 2 अप्रैल तक पेश होने को कहा था जिसके जहत उन्हें शनिवार को ईडी के सामने पेश होना था लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
माल्या ने ईडी के समन के जवाब में मई तक की मोहलत मांगी थी लेकिन ईडी ने इसके इनकार करते हुए उन्हें इस महीने की 9 तारीख को पेश होने का समन जारी किया। अधिकारियों के पास केवल दो ही विकल्प थे। पहला तो यह कि वे माल्या के खिलाफ एक और समन जारी करें या फिर सीधे कोर्ट का रूख कर गैर जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध करें।
बैंको ने माल्या को 'विलफुल डिफॉल्टर' घोषित कर रखा है
गौरतलब है कि ईडी ने माल्या के खिलाफ पहले इससे पहले 18 मार्च और फिर 2 अप्रैल को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा था लेकिन दोनों की तारीखों पर माल्या नहीं पहुंचे। देश के कई बैंकों ने पहले ही माल्या को 'विलफुल डिफॉल्टर' घोषित कर रखा है जिसके बाद कई जांच एजेंसियां इस मामले की जांच में जुट गई हैं जिसमें सीबीआई, ईडी और एसएफआईओ जैसी एजेंसियां शामिल हैं। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइन्स के लिए बैंकों से हजारों करोड़ का लोन लिया था।
ईडी पहले ही माल्या की कंपनी के कई बड़े अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। इसमें यूबी ग्रुप के पूर्व अध्यक्ष रवि नेदुंगडी, किंगफिशर के पूर्व सीएफओ ए रघुनाथन के नाम शामिल हैं। फिलहाल ईडी ने सभी 17 बैंकों से माल्या के कंपनी को दिए गए कर्जों की विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही आयकर विभाग, सेवा कर विभाग और सीएफआईओ से किंगफिशर एयरलाइन की जानकारी साझा करने को कहा है।