केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की लापरवाही से लटकी इन कर्मियों की विजिलेंस क्लीयरेंस, प्रमोशन के लिए तरसे!
डीओपीटी की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इस बारे में 21 फरवरी को पहली बार मंत्रालयों और विभागों को सूचित किया गया था। इसके बाद 19 मार्च और 12 मई को रिमांडर भेजा गया। इसके बावजूद अनेक मंत्रालय एवं विभाग सुस्त बने रहे...
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केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की लापरवाही के चलते केंद्रीय सचिवालय स्टेनोग्राफर सर्विस (सीएसएसएस) के स्टाफ को विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं मिल पा रही है। दरअसल, वे पहले जिस मंत्रालय या विभाग में थे, वहां से उनका सर्विस रिकॉर्ड भेजा ही नहीं गया। इतना ही नहीं, संबंधित विभाग ने उसे वेब बेस्ड कैडर मैनेजमेंट सिस्टम पर भी अपडेट नहीं किया।
अब सीएसएसएस के तहत आने वाले अधिकारी या कर्मी जहां भी तैनात हैं, उनकी पदोन्नति, ट्रांसफर, प्रतिनियुक्ति, रिटायरमेंट या वीआरएस आदि के मसले पर कोई निर्णय नहीं हो पा रहा है। अब दोबारा से ऐसे सभी विभागों को रिमाइंडर भेज कर कहा गया है कि वे बिना किसी देरी के स्टाफ का रिकॉर्ड अपडेट करें।
डीओपीटी की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इस बारे में 21 फरवरी को पहली बार मंत्रालयों और विभागों को सूचित किया गया था। इसके बाद 19 मार्च और 12 मई को रिमांडर भेजा गया। इसके बावजूद अनेक मंत्रालय एवं विभाग सुस्त बने रहे।
यहां से गए अधिकारी व कर्मचारी दूसरे विभाग में पोस्टिंग तो मिल गई, लेकिन उनकी डेट ऑफ ज्वाइनिंग, स्थायी पता, पदोन्नति, ट्रेनिंग व रिफ्रेशर कोर्स आदि की जानकारियां सीएससीएमएस पोर्टल पर अपडेट नहीं की गईं। खास बात ये रही कि अनेक मंत्रालयों और विभागों की कैडर यूनिट्स ने बिना सीएससीएमएस अपडेट किए ही संबंधित स्टाफ को रिलीव कर दिया।
नतीजा, जिन अफसरों और कर्मियों ने दूसरे विभागों में ज्वाइन किया है, वहां पर उनका पिछला सर्विस रिकॉर्ड नहीं पहुंच सका। कब किस अधिकारी को प्रमोशन मिला, सजा, तबादला या अन्य कोई सर्विस से जुड़ा मामला, ये सब जानकारी मौजूदा विभाग के पास नहीं है। इन मंत्रालयों को कई बार कहा है कि वे उक्त जानकारी अपडेट करें।
यदि कोई कर्मी वीआरएस लेना चाहता है, उसे प्रमोशन मिलना है या प्रतिनियुक्ति पर जाने के आदेश जारी करने हैं, तो ऐसी स्थिति में विभाग खुद को असहाय महसूस करने लगता है। वजह, उस कर्मी का रिकॉर्ड नहीं होना है। विजिलेंस क्लीयरेंस जब तक नहीं मिलेगी, तब तक संबंधित कर्मी का रिकॉर्ड सीएससीएमएस पोर्टल पर अपडेट नहीं होगा।
अब सभी मंत्रालयों से कहा गया है कि वे बिना कोई देरी किए सीएसएसएस अधिकारियों और कर्मियों का रिकॉर्ड अपडेट करें।