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RG Kar Case: गृह मंत्री शाह से नहीं मिल सकीं पीड़िता की मां, आस बरकरार; 'डॉक्टरों के संगठन' पर खड़े किए सवाल

Fri, 01 Nov 2024 01:09 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 01 Nov 2024 01:09 AM IST
सार

बीते अगस्त में आरजी कर कॉलेज में 31 वर्षिय महिला डॉक्टर के साथ हुई बर्बरता मामले में इंसाफ की लड़ाई जारी है। इसी सिलसिले में पीड़िता के माता-पिता गृह मंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे, हंलाकि उनकी मुलाकात नहीं हो पई। लेकिन पीड़िता की मां ने इससे निराश ना होकर भविष्य में मुलाकात की उम्मीद जताई है। इसके साथ ही उन्होंने डॉक्टरों के एसोसिएशन पर सवाल खड़े किए है। 

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Victim's mother could not meet Home Minister Shah, but hopes remain; raised questions on 'doctors' associatio
आरजी कर मामले में इंसाफ की लड़ाई जारी है। - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में बलात्कार और हत्या की शिकार हुई डॉक्टर के माता-पिता की प्रतिक्रिया सामने आई है। जहां उन्होंने बताया कि वे 27 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मुलाकात न कर पाने से परेशान नहीं हैं। इसके साथ ही पीड़िता के माता पिता ने भविष्य में केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के अवसर मिलने की उम्मीद जताई है। बता दें  कि दंपत्ति ने 22 अक्टूबर को शाह को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा था। 
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पीड़िता की मां का बयान
केंद्रीय मंत्री से मुलाकात ना होने वाले सवाल को लेकर मृतक डॉक्टर की मां ने कहा कि हम समझते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री होने के नाते उनके पास बहुत बड़ी जिम्मेदारियां हैं। दिन भर के दौरे के दौरान हमारे लिए कुछ समय निकालने में वे बहुत व्यस्त होंगे। बता दें कि अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव और 9 अगस्त को सरकारी आरजी कर अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के बाद शाह ने 27 अक्टूबर को बंगाल का अपना पहला दौरा किया था, जिसके बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।
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डॉक्टर्स  एसोसिएशन पर उठाए सवाल 
दंपत्ति ने नवगठित जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन की आलोचना की। जो कि पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फोरम का समानांतर मंच माना जाता है। जो मृतक डॉक्टर के लिए न्याय की मांग के अलावा सरकारी अस्पतालों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर विभिन्न तरीकों से आंदोलन कर रहा था। बता दें कि जूनियर डॉक्टर की मां ने एक बंगाली न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान कहा कि शायद हम भविष्य में किसी दिन उससे मिल पाएं। 
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मां ने पूछा एसोसिएशन का उद्देश्य
इसके साथ ही पीड़िता की मां ने कहा इस नए एसोसिएशन का क्या उद्देश्य है? क्या उन्होंने हमारी बेटी की मौत के बाद कभी विरोध किया? इनमें से कई एसोसिएशन के सदस्य धमकी संस्कृति ब्रिगेड का हिस्सा माने जाते हैं। वहीं  आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर आरोप लगा रहे हैं कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में धमकी संस्कृति मौजूद है, जिसमें डॉक्टरों, शिक्षकों और अधिकारियों का एक वर्ग शामिल है। 


बता दें कि ने मां ने यह भी याद किया कि कैसे उनकी बेटी हर साल काली पूजा के दिन उनके घर को दीयों से सजाती थी। उन्होंने बताया कि कैसे पटाखे जलाने के बाद हम (माता-पिता और बेटी) पंडाल घूमने जाते थे और बाहर खाना खाते थे। इस साल हमारा घर अंधेरे में डूबा हुआ है। उन्होंने कहा, हम इस अपराध में शामिल सभी लोगों को सजा दिलाने के लिए देवी काली से प्रार्थना करते हैं।
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