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CII Conclave: उपराष्ट्रपति ने उद्घाटन भाषण में जलवायु परिवर्तन के खतरों के प्रति चेताया, कहा- सब मिलकर लड़ें
Thu, 22 Aug 2024 06:28 AM IST
विशांत श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विशांत श्रीवास्तव
Updated Thu, 22 Aug 2024 06:28 AM IST
सार
सीआईआई इंडिया अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव के उद्घाटन भाषण के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने जलवायु परिवर्तन के प्रति सभी को चेताया है। उन्होंने कहा कि इस समस्या से निपटने के लिए हम सबको साथ मिलकर लड़ना होगा।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़( फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि जलवायु परिवर्तन मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। दुनिया के सभी देशों को इस चुनौती से निपटने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करना होगा। उपराष्ट्रपति 19वें सीआईआई इंडिया अफ्रीका बिजनेस कॉन्क्लेव में बोल रहे थे।
अपने उद्घाटन भाषण में धनखड़ ने कहा, मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन की समस्या पर विचार-विमर्श होगा। सभी देशों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे मानवता के लिए इस सबसे बड़े खतरे से निपटने के लिए सामूहिक रूप से प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करें। यह सम्मेलन हमारे लिए एक मौका है कि हम सभी की भलाई के लिए एक साझा भविष्य बनाने की दिशा में अपने प्रयासों में तालमेल बिठाएं। धनखड़ ने कहा, इस भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन का विषय, ‘एक भविष्य का निर्माण’ हमारी सभ्यता के लोकाचार में गहराई से अंतर्निहित है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के आदर्श वाक्य में भी परिलक्षित है, जिसका अर्थ है ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य।’ उन्होंने अफ्रीकी संघ को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने के बारे में भी बात की।
भारत-अफ्रीका के बीच 200 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य : गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। क्योंकि दोनों क्षेत्र अगले सात वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने पर विचार कर सकते हैं। सीआईआई के भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन में गोयल ने कहा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, पर्यटन, ऑटो, महत्वपूर्ण खनिज और नवीकरणीय ऊर्जा कुछ मुख्य क्षेत्र हैं, जहां दोनों पक्ष व्यवसाय सहयोग कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के मामले में भारत के पास अफ्रीका के लिए कई पेशकश हैं।
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हमारे पास तिलहन, दालों, मसूर की दालों की मांग है। दोनों पक्ष एमएसएमई और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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अपने उद्घाटन भाषण में धनखड़ ने कहा, मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन की समस्या पर विचार-विमर्श होगा। सभी देशों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे मानवता के लिए इस सबसे बड़े खतरे से निपटने के लिए सामूहिक रूप से प्रयासों पर ध्यान केंद्रित करें। यह सम्मेलन हमारे लिए एक मौका है कि हम सभी की भलाई के लिए एक साझा भविष्य बनाने की दिशा में अपने प्रयासों में तालमेल बिठाएं। धनखड़ ने कहा, इस भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन का विषय, ‘एक भविष्य का निर्माण’ हमारी सभ्यता के लोकाचार में गहराई से अंतर्निहित है। भारत की जी-20 अध्यक्षता के आदर्श वाक्य में भी परिलक्षित है, जिसका अर्थ है ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य।’ उन्होंने अफ्रीकी संघ को जी-20 के स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किए जाने के बारे में भी बात की।
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भारत-अफ्रीका के बीच 200 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य : गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। क्योंकि दोनों क्षेत्र अगले सात वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने पर विचार कर सकते हैं। सीआईआई के भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन में गोयल ने कहा, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, खनन, पर्यटन, ऑटो, महत्वपूर्ण खनिज और नवीकरणीय ऊर्जा कुछ मुख्य क्षेत्र हैं, जहां दोनों पक्ष व्यवसाय सहयोग कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खाद्य सुरक्षा के मामले में भारत के पास अफ्रीका के लिए कई पेशकश हैं।
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