{"_id":"6251be0eed14184b464c76f3","slug":"vice-president-venkaiah-naidu-said-that-it-is-our-duty-to-recognize-the-unsung-heroes-and-their-contribution-of-freedom","type":"story","status":"publish","title_hn":"उप-राष्ट्रपति नायडू बोले: आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देना हमारा कर्तव्य, मातृ भाषा के सम्मान पर भी दिया जोर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
उप-राष्ट्रपति नायडू बोले: आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देना हमारा कर्तव्य, मातृ भाषा के सम्मान पर भी दिया जोर
Sat, 09 Apr 2022 10:42 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 09 Apr 2022 10:42 PM IST
सार
नायडू ने कहा कि आजादी के लिए कई गुमनाम नायकों ने बलिदान दिया है, लेकिन उनकी कहानी के बारे में आम जनता को काफी हद तक जानकारी ही नहीं है, लोग उनसे अनभिज्ञ हैं, क्योंकि इनके बारे में इतिहास की किताबों में पढ़ाया ही नहीं गया है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी दिल्ली में स्थित संगीत नाटक अकादमी और ललित कला अकादमी के पुरस्कार समारोह में उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू शामिल हुए। इस मौके पर संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति ने मातृ भाषा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ भाषा को हर स्तर पर उचित सम्मान दिया जाना चाहिए। चाहे सरकारी कामकाज का क्षेत्र हो या शिक्षा हो या फिर अदालत सभी जगह मातृ भाषा का सम्मान और उसका प्रयोग किया जाना चाहिए। इस दौरान उप-राष्ट्रपति नायडूने कहा कि आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देना हमारा कर्तव्य है।
विज्ञापन
शनिवार को देश की राजधानी में आयोजित इस कार्यक्रम में उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने देश की आजादी के गुमनाम नायकों को मान्यता देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि गुमनाम नायकों के बलिदानों को रेखांकित करने के लिए कला के रूपों जैसे सिनेमा और संगीत का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस दौरान उप राष्ट्रपति ने अफसोस जताया कि लोग राबर्ट क्लाइव के बारे में तो जानते हैं, लेकिन कोमाराम भीम और अल्लूरी सीताराम राजू जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में उनको कोई जानकारी ही नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
नायडू ने कहा कि आजादी के लिए कई गुमनाम नायकों ने बलिदान दिया है, लेकिन उनकी कहानी के बारे में आम जनता को काफी हद तक जानकारी ही नहीं है, लोग उनसे अनभिज्ञ हैं, क्योंकि इनके बारे में इतिहास की किताबों में पढ़ाया ही नहीं गया है। वैंकैया नायडू ने कहा कि ऐसे गुमनाम नायकों को मान्यता देना हमारा कर्तव्य है।
संबोधित करते हुए उप राष्ट्रपति नायडू ने कहा कि इन विकृतियों को ठीक करना चाहिए। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कम ज्ञात नायकों के योगदान को रेखांकित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने 'आजादी का अमृत महोत्सव' को लेकर सरकार की प्रशंसा भी की।