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सरकारी नौकरियों की भर्ती में अनिवार्य हो भारतीय भाषाओं का ज्ञान: उपराष्ट्रपति

Fri, 21 Feb 2020 12:36 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 21 Feb 2020 12:36 AM IST
सार

उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडूृ ने गुरुवार को सरकार को सरकारी नौकरियों में एक निश्चित स्तर तक भर्ती के लिए भारतीय भाषाओं का ज्ञान अनिवार्य किए जाने का सुझाव दिया। उन्होंने 21 फरवरी को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस से जुड़े एक कार्यक्रम में उपस्थित जनता से 22 भारतीय भाषाओं में बात की। साथ ही सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अपना फैसला छह भारतीय भाषाओं में जारी करने की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि निचली अदालतों में भी ऐसा किया जाना चाहिए।

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vice president says, Knowledge of Indian languages should be mandatory in government job
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कार्यक्रम ‘हमारी बहुभाषी विरासत का उत्सव मनाना’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ थीम पर आधारित था। उपराष्ट्रपति ने कहा कि स्थानीय भाषा को अनिवार्य रूप से उच्च विद्यालय तक पढ़ाई का माध्यम बनाया जाना चाहिए। इसके अलावा प्रशासन को भी कामकाज से जुड़े निर्देश स्थानीय भाषा में जारी किए जाएं।

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उपराष्ट्रपति ने मातृभाषा दिवस पर अपनी स्थानीय भाषा को प्रोत्साहित करने की शपथ लेने और अन्य भाषाओं को भी सीखने का आग्रह किया। इसके अलावा भारतीय भाषाओं को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय आंदोलन चलाने का भी आह्वान किया।
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उन्होंने कहा कि मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन से हम अपने भाषाई और सांस्कृतिक विविधता का भी संरक्षण-संवर्धन करते हैं।

196 भाषाएं यूनेस्को की लुप्तप्राय सूची में : निशंक

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हमारा देश वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा में विश्वास करता है। इसलिए हम न केवल एक-दूसरे की भाषा और संस्कृति का सम्मान करते हैं, बल्कि इसे आत्मसात करते और इसे जीते हैं। उन्होंने यूनेस्को की तरफ से जारी लुप्तप्राय भाषाओं की सूची में भारत की 196 भाषाओं की मौजूदगी को चिंता का विषय बताया।

साथ ही विलुप्त होती भाषाएं और बोलियों को आगे बढ़ाने पर काम करने की जरूरत बताई। वहीं, मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री संजय धोत्रे ने मातृभाषा को विशेष रूप से प्राथमिक कक्षाओं में शिक्षण के माध्यम के रूप में प्राथमिकता दिए जाने की अपील की।

उधर केंद्रीय संस्कृति व पर्यटन राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि हमें सभी भाषाओं पर गर्व है, लेकिन व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास में निस्संदेह मातृभाषा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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