{"_id":"63bf529dab2e1368d54614a3","slug":"vice-president-jagdeep-dhankhar-will-unveiled-112-foot-tall-adiyogi-statue-near-bengaluru-on-15th-january","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnataka: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 को बंगलूरू में करेंगे आदियोगी की 112 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Karnataka: उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 को बंगलूरू में करेंगे आदियोगी की 112 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण
Thu, 12 Jan 2023 05:51 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, बंगलुरू।
एजेंसी, बंगलुरू।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 12 Jan 2023 05:51 AM IST
सार
चिकबल्लापुर में 21 दिवसीय आदियोगी रथ यात्रा भी चल रही है, जिसकी शुरुआत दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हुई थी। यात्रा के जरिए लोगों को अनावरण समारोह के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
विज्ञापन
आदियोगी की प्रतिमा।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 जनवरी को बंगलूरू के निकट चिकबल्लापुर स्थित सद्गुरु सन्निधि में 112 फुट ऊंची आदियोगी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस अवसर पर ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरू व कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई भी मौजूद रहेंगे।
विज्ञापन
बता दें कि चिकबल्लापुर में 21 दिवसीय आदियोगी रथ यात्रा भी चल रही है, जिसकी शुरुआत दिसंबर के अंतिम सप्ताह में हुई थी। यात्रा के जरिए लोगों को अनावरण समारोह के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। प्रतिमा के अनावरण के बाद आदियोगी दिव्य दर्शनम होगा, जो आदियोगी के जीवनवृत्त पर आधारित 14 मिनट का एक अनूठा लाइट एंड साउंड शो है।
विज्ञापन
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने कोयंबटूर में योग के स्रोत, आदियोगी की प्रतिमा को अतुल्य भारत गंतव्य के रूप में सूचीबद्ध किया है। प्रतिमा को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने दुनिया में सबसे बड़ी बस्ट मूर्तिकला के रूप में भी मान्यता दी है। चिकबल्लापुर में 15 जनवरी से हर शाम आदियोगी दिव्य दर्शनम का आयोजन होगा। ईशा संस्कृति के छात्र और साउंड्स ऑफ ईशा का मनमोहक प्रदर्शन इस मेगा इवेंट का हिस्सा होंगे। चिकबल्लापुर के हजारों ग्रामीणों के इस उत्सव में भाग लेने की उम्मीद है।
विज्ञापन
नंदी पहाड़ियों की तलहटी में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
वहीं, कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को आदियोगी मूर्ति के अनावरण और नंदी पहाड़ियों की तलहटी में ईशा योग केंद्र खोलने के मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। साथ ही कर्नाटक सरकार, योग केंद्र और 14 अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया।
इस परियोजना के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पारिस्थितिकी के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में वाणिज्यिक परिसर स्थापित किया जा रहा है। आरोप है कि सरकार ने इसके लिए अवैध रूप से भूमि आवंटित की है। क्याथप्पा एस. और चिक्कबल्लपुर के कुछ अन्य ग्रामीणों ने यह पीआईएल दायर की है। केंद्रीय पर्यावरण वन मंत्रालय, कर्नाटक सरकार, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, ईशा योग केंद्र (कोयंबटूर) समेत 16 को प्रतिवादी बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन कर योग केंद्र के आध्यात्मिक गुरु के इशारे पर प्रसिद्ध नंदी पहाड़ी के आधार में एक निजी फाउंडेशन स्थापित करने दिया, जिससे चिक्कबल्लपुर होबली में नंदी पहाड़ी के मूल क्षेत्र में पर्यावरण पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट किया।