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उपराष्ट्रपति धनखड़ बोले: संसद में अव्यवस्था ही बन गई व्यवस्था; कार्यपालिका, विधायिका-न्यायपालिका पर कही यह बात
Fri, 31 Mar 2023 06:26 AM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 31 Mar 2023 06:26 AM IST
सार
जगदीप धनखड़ ने कहा कि विवाद होने तय हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सहयोगपूर्ण तरीके से हल किया जाए।
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राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़।
- फोटो : ANI
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विस्तार
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा बजट सत्र में दोनों सदनों में लगातार व्यवधान के बीच संसद में अव्यवस्था सामान्य व्यवस्था बन गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एक गतिशील लोकतंत्र में ऐसा कभी नहीं होगा कि कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच कोई विवाद नहीं हो।
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धनखड़ ने कहा, विवाद होने तय हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें सहयोगपूर्ण तरीके से हल किया जाए। एक चैनल के कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर, ‘संवाद, बहस, चर्चा और विचार-विमर्श के वैध सांविधानिक मंच’ व्यवधान और हंगामे से ग्रस्त हैं। उन्होंने रंज जताया कि संसद में अव्यवस्था सामान्य व्यवस्था बन गई है। 13 मार्च को बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत के बाद से, लोकसभा में लगातार व्यवधान देखा जा रहा है।
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विपक्षी सदस्य अदाणी मुद्दे की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं और सत्तारूढ़ भाजपा ब्रिटेन में की गई राहुल गांधी की टिप्पणियों पर उनसे माफी की मांग पर अड़ी हुई है। धनखड़ ने कहा कि जब विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका निष्ठापूर्वक अपने-अपने कार्यक्षेत्र तक सीमित रहकर सद्भावना, एकजुटता और तालमेल के साथ काम करती हैं तो लोकतांत्रिक मूल्यों और जनहित की बेहतर तरीके से सेवा की जा सकती है।
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