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Indian Navy: 'चीन की हरकत पर पैनी नजर, पश्चिम एशिया के हालात पर भी खासा ध्यान', पश्चिमी नौसेना प्रमुख का बयान

Wed, 18 Oct 2023 07:24 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: आदर्श शर्मा Updated Wed, 18 Oct 2023 07:24 PM IST
सार

ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट 2023 के एक सत्र में पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा, नौसेना आईओआर में चीनी गतिविधियों या इसके संभावित प्रभाव से पूरी तरह अवगत है।

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Vice Admiral says Indian Navy monitoring West Asia developments, keeping sharp watch on Chinese Navy in IOR
पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हमास और इस्राइल युद्ध के बाद से ही भारतीय नौसेना पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर नजर रख रही है और हिंद महासागर क्षेत्र में चीनी नौसेना की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रख रही है। इसकी जानकारी नौसेना के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को दी। 
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ग्लोबल मैरीटाइम इंडिया समिट 2023 के एक सत्र में पश्चिमी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने कहा, नौसेना हिंद महासागर (आईओआर) में चीनी गतिविधियों या इसके संभावित प्रभाव से पूरी तरह अवगत है। इस समय नौसेना मुख्यालय या कमांड मुख्यालय में लगातार कोई न कोई इस बात पर काम कर रहा है कि पश्चिम एशिया में जो कुछ भी हो रहा है (हमास-इज़राइल संघर्ष का संदर्भ) उसके बाद क्या हो सकता है।
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चीन की हरकत पर पैनी नजर
वहीं वाइस एडमिरल ने कहा, जहां तक चीनियों का सवाल है, वे दक्षिण चीन सागर में जो कुछ भी कर रहे हैं उस पर हम पैनी नजर रख रहे हैं। हिंद महासागर में हम इस बात पर कड़ी नजर रख रहे हैं कि उनके अनुसंधान जहाज, जासूसी जहाज, उपग्रह ट्रैकिंग जहाज, युद्धपोत हर घंटे कहां हैं। समुद्री डकैती पिछले 10-15 वर्षों में लगातार चुनौतियों में से एक रही है, यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय के माध्यम से काफी हद तक नियंत्रित है।
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भारतीय तटरक्षक बल के अतिरिक्त महानिदेशक एस परमेश ने बेहतर खतरे के आकलन और समन्वित प्रतिक्रिया के लिए सामूहिक रूप से सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ाने पर जोर दिया। परमेश ने कहा, उपग्रह निगरानी और मानवरहित ड्रोन जैसी प्रौद्योगिकियों में निवेश से समुद्री सुरक्षा प्रयासों में काफी वृद्धि होगी।


बता दें कि सात अक्तूबर को हमास ने इस्राइल पर पांच हजार रॉकेट दागे थे। जिसके बाद से ही दोनों पक्षों में भीषण युद्ध की शुरूआत हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब तक युद्ध में तकरीबन 1400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बेघर हो गए हैं। 
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