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VHP Advisory On Garba: रामदास अठावले बोले- नवरात्रि गरबा पर वीएचपी का फरमान हिंसा का न्योता, सरकार से की अपील
Sun, 21 Sep 2025 12:53 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:53 PM IST
सार
VHP Advisory On Garba: केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री रामदास अठावले ने विश्व हिंदू परिषद की तरफ से नवरात्रि पर गरबा को लेकर जारी निर्देश की आलोचना की है। उन्होंने कहा, 'वीएचपी कौन होती है यह तय करने वाली कि गरबा में कौन जाएगा और कौन नहीं? यह सलाह कट्टरपंथी तत्वों को हिंसा भड़काने का खुला न्योता है।
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रामदास अठावले, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के उस बयान की कड़ी आलोचना की, जिसमें गरबा कार्यक्रमों में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश देने की बात कही गई थी। रामदास अठावले ने कहा कि यह निर्देश हिंसा को बढ़ावा देने जैसा है। नवरात्रि 22 सितंबर से 1 अक्तूबर तक मनाई जाएगी। वीएचपी ने आयोजकों से कहा है कि गैर-हिंदुओं की एंट्री रोकी जाए और पहचान के लिए आधार कार्ड चेक किया जाए, ताकि लव जिहाद की घटनाओं को रोका जा सके।
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'सलाह कट्टरपंथी तत्वों को हिंसा भड़काने का खुला न्योता'
रामदास अठावले ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'वीएचपी कौन होती है यह तय करने वाली कि गरबा में कौन जाएगा और कौन नहीं? यह सलाह कट्टरपंथी तत्वों को हिंसा भड़काने का खुला न्योता है। अगर नवरात्रि के दौरान कहीं भी झगड़े या धार्मिक तनाव होते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वीएचपी और उससे जुड़े संगठनों की होगी।'
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यह कदम भारत की एकता पर सीधा हमला- अठावले
उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की एकता, विविधता और धार्मिक सहिष्णुता पर सीधा हमला है। संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 सभी को समानता और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देते हैं। केंद्रीय मंत्री ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि नवरात्रि के दौरान किसी भी तरह के जबरन पहचान जांच या भेदभाव को रोका जाए और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, 'नवरात्रि का असली सार भागीदारी और शांति में है, न कि किसी को बाहर करने में।'
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'सलाह कट्टरपंथी तत्वों को हिंसा भड़काने का खुला न्योता'
रामदास अठावले ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'वीएचपी कौन होती है यह तय करने वाली कि गरबा में कौन जाएगा और कौन नहीं? यह सलाह कट्टरपंथी तत्वों को हिंसा भड़काने का खुला न्योता है। अगर नवरात्रि के दौरान कहीं भी झगड़े या धार्मिक तनाव होते हैं तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वीएचपी और उससे जुड़े संगठनों की होगी।'
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विश्व हिंदू परिषद द्वारा जारी की गई नवरात्रि 2025 की एडवाइजरी देश की सामाजिक समरसता के लिए एक गंभीर खतरा है। यह केवल आयोजकों को निर्देश देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ कट्टरपंथी तत्वों को हिंसा भड़काने और जबरदस्ती करने का खुला निमंत्रण है। यदि इस एडवाइजरी के चलते देश में कहीं भी…
— Dr.Ramdas Athawale (@RamdasAthawale) September 21, 2025
आज की युवा पीढ़ी, Gen Z, वह पीढ़ी है जो भारत को आगे बढ़ते देखना चाहती है – विज्ञान, नवाचार, शिक्षा और प्रगति के रास्ते पर। यह पीढ़ी नफरत की राजनीति या डराने-धमकाने वाली सोच से नहीं चलती। इन्हें विकास चाहिए, समावेश चाहिए, और खुला मंच चाहिए जहाँ सभी मिलकर उत्सव मना सकें। अगर कुछ…
— Dr.Ramdas Athawale (@RamdasAthawale) September 21, 2025
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यह कदम भारत की एकता पर सीधा हमला- अठावले
उन्होंने कहा कि यह कदम भारत की एकता, विविधता और धार्मिक सहिष्णुता पर सीधा हमला है। संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 25 सभी को समानता और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देते हैं। केंद्रीय मंत्री ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि नवरात्रि के दौरान किसी भी तरह के जबरन पहचान जांच या भेदभाव को रोका जाए और सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, 'नवरात्रि का असली सार भागीदारी और शांति में है, न कि किसी को बाहर करने में।'