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जनसंघ नेता और आरएसएस प्रचारक पी. परमेश्वरन का निधन, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने जताया शोक

Sun, 09 Feb 2020 09:20 AM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, कोच्चि
पीटीआई, कोच्चि Published by: अनवर अंसारी Updated Sun, 09 Feb 2020 09:20 AM IST
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Veteran RSS pracharak and Jana Sangh leader P Parameswaran passes away in kerala
पी. परमेश्वरन - फोटो : Twitter

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठतम प्रचारकों में से एक और पूर्ववर्ती भारतीय जन संघ के नेता रहे पी. परमेश्वरन का शनिवार देर रात निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। संघ परिवार के सूत्रों ने बताया कि भारतीय विचार केंद्रम् के संस्थापक निदेशक का केरल के पलक्कड़ जिले के ओट्टाप्पलम में आयुर्वेदिक उपचार चल रहा था और वहीं उन्होंने देर रात 12 बजकर 10 मिनट पर अंतिम सांस ली।

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जन संघ के दिनों में दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और एल. के. आडवाणी जैसे नेताओं के साथ काम कर चुके परमेश्वरन को देश के दूसरे सबसे बड़े असैन्य सम्मान पद्म विभूषण से 2018 में और पद्म श्री से 2004 में नवाजा गया था।
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परमेश्वरन एक बेहतरीन लेखक, कवि, अनुसंधानकर्ता और सम्मानित आरएसएस विचारक थे। उन्होंने भारतीय जन संघ के सचिव (1967-1971) और उपाध्यक्ष (1971-1977) के अलावा नई दिल्ली स्थित दीनदयाल अनुसंधान संस्थान के निदेशक (1977-1982) के तौर पर भी सेवाएं दीं।
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वेंकैया नायडू और पीएम मोदी ने जताया शोक

उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरएसएस प्रचारक पी परमेश्वरन के निधन पर शोक जताया। नायडू ने ट्वीट किया, ‘परमेश्वरन जी के निधन से बेहद दुखी हूं। वह एक बेहतरीन लेखक, कवि, अनुसंधानकर्ता और भारतीय विचार केंद्रम् के संस्थापक एवं निदेशक थे। उपराष्ट्रपति ने परमेश्वरन को भारतीय विचार और दर्शन का एक अवतार भी बताया।


वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि परमेश्वरन भारत के एक महान और समर्पित पुत्र थे। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, 'उनका जीवन भारत की सांस्कृतिक जागरूकता, आध्यात्मिक उत्थान और गरीब लोगों की सेवा करने के लिए समर्पित रहा। परमेश्वरन जी की सोच महान और लेखनी कमाल थी। वह अपने विचारों पर हमेशा अडिग रहे।

परमेश्वरन ने भारतीय विचार केंद्रम्, विवेकानंद केंद्र जैसे प्रख्यात संस्थानों को अपनी सेवाएं दीं। मोदी ने कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे उनसे बातचीत के कई अवसर मिले। वह बुद्धिजीवी थे। उनके निधन से दुखी हूं। ओम शांति।’


परमेश्वरन का जन्म 1927 में अलप्पुझा जिले के मुहम्मा में हुआ था। वह आरएसएस के साथ तभी जुड़ गए थे, जब वह छात्र थे। परमेश्वरन ने आपातकाल के दौरान इसके खिलाफ सत्याग्रह में भाग लिया था और इसी कारण वह 16 महीने जेल में भी रहे थे। उन्होंने केरलवासियों में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने के लिए 1982 में भारतीय विचार केंद्रम् की स्थापना की थी।

सूत्रों ने बताया कि उनके पार्थिव देह को रविवार सुबह कोच्चि में आरएसएस मुख्यालय लाया जाएगा जहां लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे। 

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