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Anand Sharma: आनंद शर्मा ने कांग्रेस के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, बताई ये वजह
Sun, 10 Aug 2025 04:50 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 10 Aug 2025 04:50 PM IST
सार
Anand Sharma resigns:कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने रविवार को पार्टी के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। आनंद शर्मा ने भेजे अपने पत्र में इस्तीफे की वजह भी बताई है।
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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा
- फोटो : ANI
विस्तार
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने रविवार को पार्टी के विदेश मामलों के विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।उन्होंने यह इस्तीफा इसलिए दिया है ताकि पार्टी के पुनर्गठन में मदद मिल सके और युवा नेताओं को इसमें शामिल किया जा सके। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने लगभग एक दशक तक विभाग का नेतृत्व किया।
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अपने इस्तीफे में आनंद शर्मा ने लिखा, जैसा कि मैंने पहले कांग्रेस पार्टी और पार्टी के अध्यक्ष दोनों को बताया है, मेरे विचार में समिति का पुनर्गठन होना चाहिए ताकि इसमें क्षमता और संभावनाओं वाले युवा नेताओं को शामिल किया जा सके। इससे इसके कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी। उन्होंने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए आगे लिखा, मैं डीएफए (विदेश मामलों के विभाग) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं, ताकि इसका पुनर्गठन हो सके।
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अपने पत्र में शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में डीएफए ने एशिया, अफ्रीका, मध्य पूर्व, यूरोप और लैटिन अमेरिका के प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ कांग्रेस के संबंधों को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई है। यह विभाग भाईचारे वाले राजनीतिक दलों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ नेतृत्व प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान के लिए संस्थागत तंत्र भी विकसित कर चुका है।
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उन्होंने कहा, मुझे 1980 के दशक के मध्य से आईवाईसी अध्यक्ष के रूप में कांग्रेस की सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों से जुड़ने का अवसर मिला। इनमें 1985 का गुटनिरपेक्ष आंदोलन युवा सम्मेलन और 1987 का ऐतिहासिक ‘एंटी अपार्थाइड कॉन्फ्रेंस’ शामिल हैं, जिन्हें वैश्विक सराहना मिली।
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आनंद शर्मा की उपलब्धियां
पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा लगभग एक दशक तक इस विभाग का नेतृत्व करते रहे थे। राष्ट्रीय विदेश विभाग समिति का गठन आखिरी बार 2018 में हुआ था। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य शर्मा पिछले चार दशकों से अंतरराष्ट्रीय मामलों में पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे हैं। शर्मा ने पहले भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की वार्ताओं में अहम भूमिका निभाई, परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत-विशेष छूट के लिए प्रयास किए और भारत-अफ्रीका साझेदारी को संस्थागत रूप देकर पहले भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन का आयोजन किया। वाणिज्य मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में पहला डब्ल्यूटीओ समझौता और व्यापक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए।