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सीबीआई बनाम सीबीआई : सुप्रीम कोर्ट में वर्मा के वकीलों में हुई बहस
भाषा, नई दिल्ली
Updated Tue, 20 Nov 2018 09:40 PM IST
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cbi
- फोटो : PTI
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उच्चतम न्यायालय में चल रहे सीबीआई मामले में मंगलवार को सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा का प्रतिनिधित्व कर रहे दो वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। वर्मा के वरिष्ठ वकील ने उनकी सहमति के बिना सोमवार को मामले को पेश करने पर अपने कनिष्ठ वकील पर सवाल उठाए।
वर्मा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता फाली एस नरीमन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत के समक्ष उनकी जगह पर यह मामला बिना उनकी सहमति के सोमवार को उठाकर जवाब दायर करने के लिये और वक्त की मांग की थी। शंकरनारायणन भी सीबीआई निदेशक की तरफ से मामले में पैरवी कर रहे हैं।
नरीमन ने पीठ को बताया, ‘‘किसी ने उनसे (शंकरनारायणन) से ऐसा करने को नहीं कहा था। यह पूरी तरह अनधिकृत था। मुझे कभी सूचित नहीं किया गया था। किसी ने उनसे मामले का उल्लेख करने को नहीं कहा था। मैं बेहद व्यथित हूं।’’
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पीठ में न्यायमूर्ति गोगोई के अलावा न्यायमूर्ति एस के कौल और के एम जोसफ भी शामिल हैं। वरिष्ठ वकील ने आगे कहा कि वह और उनके कनिष्ठ सीवीसी की रिपोर्ट पर वर्मा के जवाब को तैयार करने के लिये देर रात तक काम करते रहे। यह रिपोर्ट सीबीआई निदेशक के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। पीठ ने मामले की सुनवाई को 29 नवंबर तक के लिये स्थगित कर दिया है।
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वर्मा की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता फाली एस नरीमन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत के समक्ष उनकी जगह पर यह मामला बिना उनकी सहमति के सोमवार को उठाकर जवाब दायर करने के लिये और वक्त की मांग की थी। शंकरनारायणन भी सीबीआई निदेशक की तरफ से मामले में पैरवी कर रहे हैं।
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नरीमन ने पीठ को बताया, ‘‘किसी ने उनसे (शंकरनारायणन) से ऐसा करने को नहीं कहा था। यह पूरी तरह अनधिकृत था। मुझे कभी सूचित नहीं किया गया था। किसी ने उनसे मामले का उल्लेख करने को नहीं कहा था। मैं बेहद व्यथित हूं।’’
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पीठ में न्यायमूर्ति गोगोई के अलावा न्यायमूर्ति एस के कौल और के एम जोसफ भी शामिल हैं। वरिष्ठ वकील ने आगे कहा कि वह और उनके कनिष्ठ सीवीसी की रिपोर्ट पर वर्मा के जवाब को तैयार करने के लिये देर रात तक काम करते रहे। यह रिपोर्ट सीबीआई निदेशक के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से संबंधित है। पीठ ने मामले की सुनवाई को 29 नवंबर तक के लिये स्थगित कर दिया है।