महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए वक्त पर न्याय मिलना जरूरी : नायडू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैदराबाद और उन्नाव कांड जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा, देश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसे मामलों में त्वरित जांच, सुनवाई और न्याय दिया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा, इसके लिए बिल लाना और कानून में बदलाव मात्र कोई समाधान नहीं है।
अखिल भारतीय सेवा और केंद्रीय सिविल सेवा अधिकारियों के 94वें फाउंडेशन कोर्स पर आयोजित एक कार्यक्रम में नायडू ने कहा, समाज की कुरीतियों को मिटाने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक कौशल के जरिए कानून में उपलब्ध मौजूदा प्रावधानों को सही ढंग से लागू किया जाना चाहिए। पुलिस को सुनिश्चित करना होगा कि हर शिकायत को दर्ज किया जाए और उस पर तत्काल एक्शन लिया जाए। यही नहीं जांच समय पर पूरी करते हुए सुनवाई शुरू होनी चाहिए और ऐसे मामलों में वक्त पर फैसला आना चाहिए।
कानून का डर और सम्मान दोनों जरूरी
नायडू ने कहा, समाज में कानून को लेकर डर और सम्मान दोनों होना जरूरी है। लोगों में कानून का डर रहेगा तो वे गलत नहीं करेंगे। ये लोगों के लिए मूल्यों के क्षरण पर आत्मनिरीक्षण और विचार करने का समय है। महिलाओं के सम्मान की धारणा को कायम रखने के लिए समाज को एकजुट होना होगा।
बच्चों को सिखाएं महिलाओं का सम्मान करना
नायडू ने शिक्षकों से बच्चों को महिलाओं का सम्मान करना सिखाने की मांग की। साथ ही शिक्षण संस्थानों से अपील करते हुए कहा कि इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए और जरूरी तौर पर बच्चों को हमारे मूल्यों के बारे में बताया जाए।
अधिकारियों को स्वराज्य से सुराज की ओर जाना होगा
नायडू ने कहा, अधिकारियों को स्वराज्य से सुराज की ओर जाना होगा। भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन जो नागरिकों के हितों की चिंता करे और उनकी मदद के लिए हमेशा काम करे, इस दौर में बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से सरकार की नीतियों को धरातल पर मूर्तरूप में साकार करने में भूमिका निभाने का आह्वान किया।