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नायडू की 'पर्ची' वाली सलाह पर खूब लगे ठहाके, सांसदों ने भी पूछ लिया चाय पी सकते हैं क्या?

Fri, 18 Sep 2020 08:14 PM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Fri, 18 Sep 2020 08:14 PM IST
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Venkaiah Naidu advised to parliament members no permission to use slip in examination hall, but use the slip in the house
वेंकैया नायडू (फाइल फोटो)

कोरोना काल में संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार सदन में कई तरह के सुरक्षा उपाय किए गए हैं। इसी के मद्देनजर राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को सदस्यों को सलाह देते हुए परीक्षा हॉल का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षा हॉल में पर्चियों के लेन-देन की अनुमति नहीं है लेकिन सदन में आप ऐसा कर सकते हैं। नायडू ने कहा कि कोविड-19 सुरक्षा उपायों के मद्देनजर उच्च सदन में सदस्य एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए ऐसा कर सकते हैं। नायडू ने उच्च सदन में सदस्यों को सलाह दी कि वे बैठक शुरू होने के बाद किसी भी स्पष्टीकरण के लिए सदन में बैठे अधिकारियों के पास नहीं आएं, साथ ही वे दूसरे सदस्यों की सीट पर भी नहीं जाएं। अगर कोई मुद्दा जरूरी हो तो अपना ‘स्लिप’ (पर्ची) भेज सकते हैं।

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सदन में पर्ची का इस्तेमाल करें, झुककर बातचीत ना करें
नायडू ने कहा, ‘सदन के सत्र में होने पर किसी भी सदस्य से टेबल कार्यालय तक नहीं आने की उम्मीद की जाती है। सदस्यों से अनुरोध है कि वे अन्य सदस्य की सीट पर नहीं जाएं और उनके कानों के पास झुककर बातचीत नहीं करें। कृपया इससे बचें। यदि आपको कोई संदेश भेजना है तो पर्ची भेजें। ऐसा परीक्षा हॉल में करने की अनुमति नहीं है, लेकिन यहां अनुमति है।’ नायडू की इस टिप्पणी पर सदस्य अपनी हंसी नहीं रोक सके।
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जब एक सदस्य ने मजाकिया लहजे में पूछा कि क्या वे एक कप चाय के लिए आ सकते हैं, तो नायडू ने कहा कि वे अनौपचारिक रूप से पर्चियां भेज सकते हैं और वह इस मुद्दे को यथासंभव संबोधित करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने सभी सांसदों को सभापति के कार्यालय में नहीं आने की भी सलाह दी और कहा कि हालांकि उन्हें लोगों से मिलने में अच्छा लगता है लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में सुरक्षा मानदंडों का पालन किया जाना चाहिए।
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सदन में हुए हैं कई बड़े बदलाव
कोरोना वायरस महामारी की छाया में सोमवार से शुरू हुए 18 दिनों के मानसून सत्र में कई चीजें पहली बार होती दिख रहीं हैं। इसमें बिना किसी छुट्टी के अलग अलग पाली में दोनों सदनों की बैठकें हो रही हैं और नेगेटिव कोविड-19 रिपोर्ट रखने वालों को संसद में प्रवेश देना और इसके अलावा मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। इस बार के सत्र के दौरान उच्च सदन के सदस्यों के लिए दोनों चैंबर और गैलरी में बैठने की व्यवस्था की गई है। 1952 के बाद से भारतीय संसद के इतिहास में पहली बार इस तरह की व्यवस्था की गई है। लोकसभा में सिर्फ 200 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था ह, इसलिए इस बार 30 सदस्य गैलरी में बैठ रहे हैं। सदस्यों की सुविधा के लिए लोकसभा में ही एक बड़ा स्क्रीन लगाया गया है, जिसके माध्यम से राज्यसभा में बैठे लोकसभा के सदस्य भी नजर आ रहे थे। 

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