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उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु ने पूछा, ‘वंदे मातरम’ से परेशानी क्यों? फिर समझाया गीत का मतलब
एजेंसी/ शिरडी
Updated Sat, 23 Dec 2017 06:36 PM IST
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उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु ने शनिवार को आश्चर्य जताया कि किसी को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ गाने में परेशानी क्यों होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस गीत का मतलब मां का अभिवादन करना है और इस गीत ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लाखों लोगों को प्रेरित किया था।
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नायडु ने अहमदनगर जिले में मंदिरों के इस नगर में कहा, ‘मां तस्वीर नहीं है बल्कि हमारी मातृभूमि है। ‘वंदे मातरम’ में मां को सलाम किया जाता है। इसे लेकर किसी को कोई समस्या क्यों होनी चाहिए।’ शिरडी साईबाबा संस्थान द्वारा आयोजित ग्लोबल साईं मंदिर ट्रस्ट सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद नायडु ने कहा, ‘हमारी जाति, पंथ और धर्म के बावजूद हम एक राष्ट्र, एक व्यक्ति और एक देश हैं।’
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नायडु ने कहा कि 20वीं सदी के संत साईंबाबा के हिंदू या मुसलमान होने का मुद्दा अनावश्यक है। उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘वह एक सार्वभौमिक शिक्षक थे जो हिंदू धर्म और सूफीवाद के महत्वपूर्ण सिद्धांतों का मिश्रण थे।’
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उन्होंने कहा कि मानवता की सेवा और अन्य लोगों के साथ शांति और सद्भाव के साथ रहने की साईंबाबा की शिक्षाओं को सभी लोगों द्वारा अपनाए जाने की जरूरत है जो उन्हें (साईंबाबा) सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा, ‘मानवता की सेवा ईश्वर की सेवा है। साईंबाबा इस संस्कृति के एक अवतार थे।’