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Vande Bharat: वंदे भारत के टिकट में विकल्प नहीं चुना तो भी ट्रेन में खरीद सकते हैं खाना, रेलवे बोर्ड का बयान

Fri, 07 Feb 2025 07:37 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 07 Feb 2025 07:37 PM IST
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Vande Bharat passengers can buy food onboard even if they opt out during ticket booking: Railways
वंदे भारत। - फोटो : अमर उजाला।

रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को कहा कि वंदे भारत ट्रेनों के यात्री टिकट बुकिंग के समय भोजन का कोई विकल्प न चुनने पर भी ट्रेन में भोजन खरीद सकते हैं। रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को आईआरसीटीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक को संबोधित एक पत्र में कहा कि बहुत से यात्री अक्सर शिकायत करते थे कि आईआरसीटीसी स्टाफ उन्हें खाना नहीं देते, क्योंकि उन्होंने टिकट बुकिंग के दौरान भोजन का विकल्प नहीं चुना था। यात्रियों की शिकायत है कि वे खाना के बदले तुरंत भुगतान करने के लिए तैयार रहते हैं बावजूद स्टाफ उन्हें खाना नहीं देता। इसलिए हमने फैसला किया है कि गैर-ऑप्टी यात्री भी ट्रेन में सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन का लाभ उठा सकते हैं।

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तीन साल में चेन्नई के इंटीग्रल कोच फैक्टरी में बने वंदे भारत के 640 कोच : रेल मंत्री
वहीं, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को राज्यसभा में बताया कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) में कुल 640 वंदे भारत कोच का निर्माण किया गया। उन्होंने यह जानकारी एक सवाल के लिखित जवाब में दी। उन्होंने कहा कि कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्टरी (आरसीएफ) को 320 वंदे भारत कोच के निर्माण का उत्पादन लक्ष्य दिया गया है।
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सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी के सवालों के जवाब में वैष्णव बताया कि कपूरथला स्थित आरसीएफ ने पिछले तीन साल में 5,414 कोच का निर्माण किया है। विक्रमजीत सिंह ने पिछले तीन साल में कपूरथला रेल कोच फैक्टरी में निर्मित वंदे भारत कोच के बारे में जानकारी मांगी थी। गौरतलब है कि वंदे भारत ट्रेनें भारतीय रेलवे की प्रतिष्ठित सेमी-हाई स्पीड ट्रेनें हैं। ये यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं और बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करती हैं। इन कोचों का निर्माण देश में ही किया जा रहा है, जो मेक इन इंडिया पहल को मजबूती देता है। रेलवे का लक्ष्य वंदे भारत ट्रेनों के नेटवर्क को और विस्तारित करना है, ताकि देश के अधिक से अधिक यात्री इसका लाभ उठा सकें।
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