Vande Bharat: युवाओं में तेज रफ्तार वंदे भारत का क्रेेज, 56 फीसदी युवा और कामकाजी लोग कर रहे हैं यात्रा
रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 25-34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में औसतन 27.5 फीसदी इस ट्रेन से यात्रा कर रहे है वहीं 35-49 वर्ष के बीच आयु वर्ग में औसतन 28.6 फीसदी यात्री परिवहन के अन्य साधनों की तुलना में वंदे भारत एक्सप्रेस को प्राथमिकता देते हैं।
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तेज रफ्तार, आरामदायक सफर के चलते वंदे भारत ट्रेन का क्रेज युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है। इसमें यात्रा करने वाले युवा व कामकाजी लोगों की संख्या 56 फीसदी है। इसमें पुरुष और महिला दोनों शामिल है। हालांकि वरिष्ठ नागरिकों की संख्या भी कम नहीं है। देशभर में चलने वाली इस ट्रेन में 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 12.5 फीसदी लोग इसे ही तरजीह दे रहे है। शताब्दी ट्रेन को बड़ी ही तेजी से वंदे भारत पीछे छोड़ता जा रहा है।
रेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 25-34 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं में औसतन 27.5 फीसदी इस ट्रेन से यात्रा कर रहे है वहीं 35-49 वर्ष के बीच आयु वर्ग में औसतन 28.6 फीसदी यात्री परिवहन के अन्य साधनों की तुलना में वंदे भारत एक्सप्रेस को प्राथमिकता देते हैं। कुल मिलाकर 56 फीसदी युवा और कामकाजी वर्ग के यात्री इस ट्रेन में सफर का आनंद ले रहे है।
हवाई किराए में आई कमी
रेलवे सूत्रों का कहना है कि वंदे भारत ट्रेन के शुरू होने से चेन्नई-बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम -कासरगोड, मुंबई-पुणे, जामनगर-अहमदाबाद और दिल्ली-जयपुर मार्गों के हवाई किराए में 20-30 फीसदी की गिरावट आई है।
निजी वाहन से दूरी
वंदे भारत के चलते लोगों ने निजी वाहन से भी दूरी बनाई है। विजयवाड़ा से रेणिगुंटा पहुंचने में वंदे भारत से 5 घंटे लगते हैं जबकि सड़क मार्ग से 7 घंटे से अधिक लग जाते है। ऐसे में लोग वंदे भारत को तरजीह दे रहे हैं।