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बाढ़ से बेहाल गुजरात का वलसाड: डिप्टी CM हर्ष संघवी ने संभाला मोर्चा, पुनर्वास के लिए सरकार का क्या प्लान?
Fri, 24 Jul 2026 09:55 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:55 PM IST
सार
गुजरात के वलसाड में रिकॉर्ड बारिश के बाद आई बाढ़ से हालात गंभीर हो गए थे। प्रशासन ने 12,376 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। अब सरकार सफाई, सड़क और बिजली बहाल करने के साथ-साथ प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और बीमा क्लेम जल्द दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है।
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हर्ष संघवी, डिप्टी सीएम गुजरात
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
गुजरात के वलसाड जिले में रिकॉर्ड बारिश और बाढ़ के बाद अब हालात सामान्य करने की कोशिश तेज हो गई है। शुक्रवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी वलसाड पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने साफ कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के निर्देश पर सभी विभाग बिना देरी किए युद्ध स्तर पर काम करें, ताकि लोगों की परेशानियां जल्द खत्म हो सकें। इस बार मानसून में वलसाड सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में रहा। उमरगाम में सिर्फ 24 घंटे के भीतर 1064 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए।
12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
हर्ष संघवी ने बताया कि शुक्रवार शाम तक चले रेस्क्यू अभियान में 12,376 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने वलसाड के कलेक्टर नितिन सांगवान और प्रशासन की टीम की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े अभियान के बावजूद किसी बड़ी जनहानि से बचना बड़ी सफलता है।
अब सफाई और मरम्मत पर पूरा फोकस
सरकार ने पानी उतरते ही सबसे पहले सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शहरों में अपार्टमेंट के बेसमेंट और पार्किंग से पानी निकालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। वहीं प्रभावित इलाकों में गंदगी हटाने के लिए हर क्षेत्र में एक जेसीबी और तीन ट्रक लगाए जाएंगे।
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यह भी पढ़ें: घर-गाड़ियां सब डूबे, स्कूल भी बंद: बारिश से गुजरात में बाढ़ जैसे हालात; मौत के मुंह से 1200 लोगों का रेस्क्यू
बिजली और सड़कें जल्द होंगी बहाल
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि टूटे बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और लाइनों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कर जल्द बिजली बहाल की जाए। साथ ही ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीमा कंपनियों को भी दिए निर्देश
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत राशि देने के लिए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सरकार कैश डोल और अन्य वित्तीय सहायता जल्द उपलब्ध कराने की तैयारी में है। हर्ष संघवी ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे अपने सर्वेयरों की संख्या बढ़ाएं, ताकि नुकसान का आकलन जल्दी पूरा हो और लोगों के बीमा दावों का जल्द निपटारा हो सके।
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12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया
हर्ष संघवी ने बताया कि शुक्रवार शाम तक चले रेस्क्यू अभियान में 12,376 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने वलसाड के कलेक्टर नितिन सांगवान और प्रशासन की टीम की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े अभियान के बावजूद किसी बड़ी जनहानि से बचना बड़ी सफलता है।
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अब सफाई और मरम्मत पर पूरा फोकस
सरकार ने पानी उतरते ही सबसे पहले सफाई अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। शहरों में अपार्टमेंट के बेसमेंट और पार्किंग से पानी निकालने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। वहीं प्रभावित इलाकों में गंदगी हटाने के लिए हर क्षेत्र में एक जेसीबी और तीन ट्रक लगाए जाएंगे।
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बिजली और सड़कें जल्द होंगी बहाल
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि टूटे बिजली के खंभों, ट्रांसफॉर्मरों और लाइनों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कर जल्द बिजली बहाल की जाए। साथ ही ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी तेजी से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीमा कंपनियों को भी दिए निर्देश
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को जल्द राहत राशि देने के लिए नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया गया है। सरकार कैश डोल और अन्य वित्तीय सहायता जल्द उपलब्ध कराने की तैयारी में है। हर्ष संघवी ने बीमा कंपनियों से कहा है कि वे अपने सर्वेयरों की संख्या बढ़ाएं, ताकि नुकसान का आकलन जल्दी पूरा हो और लोगों के बीमा दावों का जल्द निपटारा हो सके।